होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने NATO पर निशाना साधते हुए कहा है कि जरूरत के समय सहयोगी देश साथ नहीं देते।
दरअसल, Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में जारी तनाव के कारण अमेरिका अपने सहयोगी देशों पर दबाव बना रहा है कि वे इस मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने यूरोपीय देशों से जल्द से जल्द विस्तृत योजना पेश करने को कहा है, ताकि होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। इस मुद्दे पर Mark Rutte के साथ भी उच्च स्तरीय चर्चा हुई है।
हालांकि, कई यूरोपीय देशों ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का खुलकर समर्थन नहीं किया है, जिससे अमेरिका नाराज है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जब तक सहयोगियों पर दबाव नहीं डाला जाता, वे गंभीरता से कदम नहीं उठाते।
इस बीच, युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। जहाजों की आवाजाही अभी भी प्रभावित है और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में अमेरिका चाहता है कि उसके सहयोगी सिर्फ बयान देने तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर भी कार्रवाई करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज संकट ने न केवल वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को चुनौती दी है, बल्कि अमेरिका और उसके पारंपरिक सहयोगियों के बीच विश्वास की कमी को भी उजागर कर दिया है।
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