बेंगलुरु में डॉक्टर कृतिका रेड्डी की संदिग्ध मौत के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इस केस में मुख्य आरोपी उनके पति महेंद्र रेड्डी हैं, जिन पर एनेस्थीसिया की अधिक मात्रा देकर हत्या करने का आरोप है।
जांच एजेंसियों ने आरोपी के मोबाइल फोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से अहम सबूत जुटाए हैं, जिनके आधार पर घटनाओं की कड़ी जोड़ी जा रही है।
डिजिटल सबूतों से बड़ा खुलासा
जांच में सामने आया कि:
आरोपी ने कथित तौर पर अपनी परिचित को मैसेज भेजकर पुलिस को गुमराह करने के निर्देश दिए
चैट में रिश्ते को छिपाने और बयान बदलने की बात कही गई
कुछ संदेश ऐसे भी मिले जिन्हें जांच एजेंसियां “अपराध स्वीकार करने जैसा” मान रही हैं
एनेस्थीसिया ओवरडोज का आरोप
पुलिस के अनुसार:
आरोपी ने ‘प्रोपोफोल’ जैसी एनेस्थीसिया दवा का इस्तेमाल किया
यह दवा आमतौर पर ऑपरेशन थिएटर में उपयोग होती है
फोरेंसिक रिपोर्ट में शरीर में दवा की मौजूदगी की पुष्टि हुई
केस की प्रमुख बातें
घटना अप्रैल 2025 में हुई
शुरुआत में मामला ‘अप्राकृतिक मृत्यु’ माना गया
बाद में जांच के बाद इसे हत्या में बदला गया
आरोपी की जमानत याचिका खारिज
जांच और कानूनी स्थिति
जांच एजेंसियों ने अब तक लाखों डिजिटल फाइलों और चैट रिकॉर्ड्स का विश्लेषण किया है। अदालत ने भी आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
निष्कर्ष
यह मामला मेडिकल ज्ञान के दुरुपयोग, डिजिटल सबूतों और फोरेंसिक जांच के महत्व को दिखाता है। फिलहाल केस न्यायिक प्रक्रिया में है और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही किया जाएगा।
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