दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच फिलीपींस ने अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भारत से खरीदी गई ब्रह्मोस मिसाइल अब पहली बार बड़े सैन्य अभ्यास में शामिल होने जा रही है।
यह प्रदर्शन Balikatan Exercise के दौरान होगा, जिसमें फिलीपींस और अमेरिका की सेनाएं संयुक्त रूप से भाग लेंगी। इस दौरान ब्रह्मोस मिसाइल की सिमुलेशन फायरिंग की जाएगी, जिसमें वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियां तैयार की जाएंगी।
अप्रैल 2024 में फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल की पहली बैटरी सौंपी गई थी। इस सिस्टम में लॉन्चर, ट्रैकिंग यूनिट और सपोर्ट व्हीकल शामिल होते हैं। करीब 2.8 मैक (लगभग 3400 किमी/घंटा) की रफ्तार से उड़ने वाली यह मिसाइल दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक मानी जाती है।
ब्रह्मोस की खासियत इसकी मल्टी-प्लेटफॉर्म लॉन्च क्षमता है—इसे जमीन, समुद्र और हवा से दागा जा सकता है। यह 200 से 300 किलोग्राम तक का वारहेड ले जाने में सक्षम है, जो इसे तटीय रक्षा और समुद्री सुरक्षा के लिए बेहद प्रभावी बनाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते रणनीतिक हालात के बीच यह कदम संतुलन बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस अभ्यास को किसी एक देश के खिलाफ नहीं बताया गया है, लेकिन दक्षिण चीन सागर में बढ़ती गतिविधियां इसे महत्वपूर्ण बनाती हैं।
कुल मिलाकर, ब्रह्मोस मिसाइल की तैनाती फिलीपींस के लिए एक मजबूत डिटरेंस के रूप में देखी जा रही है, जिससे उसकी रक्षा क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
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