तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए तेज़ रफ्तार चुनाव प्रचार अब समाप्त हो चुका है। मंगलवार शाम 6 बजे के बाद 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले अनिवार्य साइलेंस पीरियड लागू हो गया है।
इस दौरान किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को सार्वजनिक रैली, रोड शो या चुनाव प्रचार से जुड़ी गतिविधियों की अनुमति नहीं होती। भारतीय चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार यह 48 घंटे की अवधि मतदाताओं को शांत माहौल में फैसला लेने का अवसर देती है।
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला DMK और AIADMK के बीच माना जा रहा है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और विपक्षी नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने अंतिम दिन एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार और परिसीमन जैसे मुद्दों को लेकर जमकर आरोप लगाए।
मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि 4 मई को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी सहित कई राष्ट्रीय नेताओं ने राज्य में रैलियां कीं।
इस बार का चुनाव दिलचस्प इसलिए भी है क्योंकि अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम ने सभी 234 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं कमल हासन की पार्टी मक्कल नीधि मय्यम भी चुनावी मैदान में सक्रिय है।
कुल मिलाकर, तमिलनाडु में इस बार मुकाबला बहुकोणीय जरूर है, लेकिन मुख्य लड़ाई DMK और AIADMK गठबंधनों के बीच ही मानी जा रही है। अब सभी की नजरें 23 अप्रैल की वोटिंग और 4 मई के नतीजों पर टिकी हैं।
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