अमेरिका में रह रहे लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन कार्ड के अधिकांश आवेदकों को अपने आवेदन की प्रक्रिया के दौरान अमेरिका छोड़कर अपने गृह देश लौटने की आवश्यकता नहीं होगी।
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) के एक बयान ने प्रवासी समुदाय और नियोक्ताओं के बीच चिंता बढ़ा दी थी। उस बयान को लेकर आशंका जताई जा रही थी कि ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के इच्छुक लोगों को आवेदन प्रक्रिया पूरी होने तक अपने मूल देश वापस जाना पड़ सकता है।
DHS ने दूर की गलतफहमी
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने कहा है कि ग्रीन कार्ड प्रक्रिया को लेकर कोई बड़ा नीतिगत बदलाव नहीं किया गया है। विभाग के अनुसार, आव्रजन अधिकारियों के पास पहले से ही यह अधिकार है कि वे प्रत्येक मामले की परिस्थितियों को देखते हुए फैसला लें कि किसी आवेदक को अमेरिका के भीतर रहकर प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति दी जाए या नहीं।
डीएचएस ने साफ किया कि मौजूदा व्यवस्था में अधिकांश पात्र आवेदक अमेरिका में रहते हुए ही ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
क्या है ‘स्टेटस एडजस्टमेंट’ प्रक्रिया?
वर्तमान अमेरिकी आव्रजन प्रणाली के तहत कई पात्र प्रवासी “स्टेटस एडजस्टमेंट” (Adjustment of Status) प्रक्रिया के माध्यम से ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं। इस व्यवस्था में आवेदक अपने आवेदन पर निर्णय आने तक अमेरिका में कानूनी रूप से रह सकते हैं।
आमतौर पर इन आवेदकों को उनके नियोक्ता, पति-पत्नी या करीबी परिवार के सदस्य द्वारा प्रायोजित किया जाता है।
क्यों बढ़ी थी चिंता?
विवाद तब शुरू हुआ जब यूएससीआईएस के प्रवक्ता जैक कहलर के एक बयान को व्यापक रूप से यह संकेत माना गया कि ग्रीन कार्ड चाहने वाले विदेशी नागरिकों को आवेदन प्रक्रिया के दौरान अपने गृह देश लौटना होगा।
इस बयान के बाद प्रवासी समुदायों, टेक कंपनियों और विदेशी कर्मचारियों पर निर्भर व्यवसायों में चिंता बढ़ गई थी। लोगों को डर था कि इससे ग्रीन कार्ड प्रक्रिया अधिक जटिल और लंबी हो सकती है।
भारतीयों पर पड़ सकता था बड़ा असर
अमेरिका में भारतीय पेशेवरों की बड़ी संख्या H-1B वीजा और अन्य रोजगार आधारित वीजा पर कार्यरत है। इनमें से लाखों लोग ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा सूची में शामिल हैं।
यदि आवेदकों को प्रक्रिया के दौरान भारत लौटना पड़ता, तो इससे नौकरी, परिवार और कानूनी स्थिति से जुड़े कई व्यावहारिक संकट पैदा हो सकते थे। ऐसे में डीएचएस की ताजा सफाई भारतीय समुदाय के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
2024 में जारी हुए 14 लाख ग्रीन कार्ड
रिपोर्ट्स के अनुसार वर्ष 2024 में अमेरिका ने करीब 14 लाख ग्रीन कार्ड जारी किए। इनमें बड़ी संख्या उन आवेदकों की थी जिन्होंने अमेरिका के भीतर रहकर स्टेटस एडजस्टमेंट प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन किया था।
डीएचएस के नए स्पष्टीकरण से स्पष्ट हो गया है कि यह व्यवस्था फिलहाल जारी रहेगी और अधिकांश पात्र आवेदकों को अमेरिका छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
क्या है इसका मतलब?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्पष्टीकरण अमेरिका में रह रहे लाखों विदेशी पेशेवरों, छात्रों और उनके परिवारों के लिए राहत भरा कदम है। इससे ग्रीन कार्ड प्रक्रिया को लेकर बनी अनिश्चितता काफी हद तक दूर हो गई है और आवेदक पहले की तरह अमेरिका में रहते हुए अपनी स्थायी निवास प्रक्रिया जारी रख सकेंगे।
![]()

