Saturday, May 30, 2026
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निक्की भाटी मौत मामला: पंचायत में हुआ समझौता, बहन कंचन ने बदला बयान, केस हुआ कमजोर

ग्रेटर नोएडा के चर्चित निक्की भाटी मौत मामले में उनकी मौत के करीब नौ महीने बाद एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। पीड़ित और आरोपी पक्ष के बीच पंचायत की मध्यस्थता में समझौता हो गया है, जिसके बाद मामले की कानूनी स्थिति पर भी असर पड़ता दिखाई दे रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कई दौर की बातचीत और पंचायत स्तर पर हुई बैठकों के बाद दोनों परिवार एक सहमति पर पहुंचे हैं। इस समझौते के तहत निक्की भाटी के बच्चों के नाम संपत्ति हस्तांतरित करने पर सहमति बनी है। परिवार का कहना है कि यह फैसला बच्चों के भविष्य और उनके अधिकारों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

कंचन भाटी लौटेंगी ससुराल

समझौते के तहत निक्की भाटी की बहन कंचन भाटी, जो घटना के बाद से अपने मायके में रह रही थीं, अब अपने पति रोहित भाटी के साथ रहने के लिए वापस ससुराल जाएंगी। बताया जा रहा है कि दोनों दादरी क्षेत्र में अलग मकान में रहेंगे और वैवाहिक जीवन में अन्य पारिवारिक हस्तक्षेप नहीं होगा।

कैसे आया केस में नया मोड़?

निक्की भाटी की मौत अगस्त 2025 में गंभीर रूप से झुलसने के बाद हुई थी। घटना के बाद परिजनों ने पति विपिन भाटी और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और आग लगाकर हत्या करने के आरोप लगाए थे।

पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी और चार्जशीट भी दाखिल की गई थी। इस दौरान कंचन भाटी को मामले का प्रमुख गवाह माना जा रहा था।

हालांकि हाल ही में अदालत में दिए गए बयान में कंचन ने पहले लगाए गए आरोपों से अलग बयान दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अदालत को बताया कि घटना के समय घर के भीतर कोई मौजूद नहीं था और परिवार के सदस्य बाहर थे।

सरकारी पक्ष की चुनौती बढ़ी

मुख्य गवाह के बयान में बदलाव के बाद अभियोजन पक्ष की स्थिति कमजोर पड़ती नजर आ रही है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आपराधिक मामले में प्रमुख गवाह का बयान बदलना मुकदमे की दिशा को प्रभावित कर सकता है।

बताया जा रहा है कि मामले की अगली सुनवाई 10 जून को निर्धारित है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

बच्चों के भविष्य को बताया गया प्राथमिकता

दोनों परिवारों की ओर से यह कहा गया है कि समझौते का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना है। इसी वजह से संपत्ति बच्चों के नाम करने और पारिवारिक विवाद समाप्त करने पर सहमति बनी है।

हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक इस समझौते के संबंध में कोई औपचारिक लिखित सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

क्या था पूरा मामला?

निक्की भाटी की मौत के बाद यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया था। परिवार ने आरोप लगाया था कि दहेज और अन्य पारिवारिक विवादों को लेकर उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। वहीं जांच एजेंसियों ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की थी।

अब समझौते और गवाह के बदले बयान के बाद यह मामला एक नए मोड़ पर पहुंच गया है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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