केंद्र सरकार ने देश में रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए इमीग्रेशन और वीजा नियमों में बड़ा बदलाव किया है। गृह मंत्रालय द्वारा लागू किए गए नए इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स 2025 के तहत अब विदेशियों को वीजा अवधि समाप्त होने से पहले अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। नए नियमों का उद्देश्य देश की सुरक्षा को मजबूत करना और विदेशी नागरिकों का सटीक रिकॉर्ड रखना है।
वॉइस ओवर: भारत सरकार ने इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स 2025 लागू कर दिए हैं। इसके तहत अब विदेशी नागरिकों के लिए भारत में रहने संबंधी नियम पहले से अधिक सख्त हो गए हैं।
पहले यदि किसी विदेशी नागरिक का वीजा 180 दिन का होता था और वह निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रुकना चाहता था, तो उसे अतिरिक्त समय यानी ग्रेस पीरियड की सुविधा मिल जाती थी। लेकिन नए नियमों के लागू होने के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।
अब यदि किसी विदेशी नागरिक को 180 दिन की अवधि पूरी होने के बाद भी भारत में रहना है, तो उसे वीजा समाप्त होने से पहले ही संबंधित अधिकारियों के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा। समय सीमा समाप्त होने के बाद आवेदन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार ने लंबी अवधि के वीजा धारकों के लिए भी नियम सख्त कर दिए हैं। एक वर्ष या पांच वर्ष के वीजा पर भारत आने वाले विदेशी नागरिक यदि एक वर्ष में 180 दिन से अधिक भारत में रहते हैं, तो उन्हें अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन अधिकारी को अपनी जानकारी देनी होगी।
नए नियमों में भारत में जन्म लेने वाले ऐसे बच्चों को भी शामिल किया गया है जिनके माता-पिता में से एक विदेशी नागरिक है। यदि माता-पिता में से एक भारतीय नागरिक है और बच्चा भारतीय नागरिकता बनाए रखना चाहता है, तो जन्म के 30 दिनों के भीतर वीजा या एग्जिट परमिट लेने की बाध्यता नहीं होगी।
हालांकि यदि भविष्य में वह बच्चा किसी अन्य देश की नागरिकता स्वीकार करता है, तो इसकी जानकारी 30 दिनों के भीतर सरकार को देना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
इसके अलावा अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य संस्थानों को भी अपने यहां भर्ती या ठहरने वाले विदेशी नागरिकों की पूरी जानकारी सरकार को देनी होगी। नियमों का पालन न करने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने तक की व्यवस्था की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए नियमों से देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी, अवैध प्रवास पर रोक लगेगी और विदेशी नागरिकों की निगरानी पहले से अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सकेगी।
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