राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीति गरमा गई है। शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने इस आंदोलन का खुलकर समर्थन किया है और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दरअसल, सोशल मीडिया कार्यकर्ता अभिजीत दिपके और कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्यों के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया है। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हो रहे हैं। इसी को लेकर संजय राउत ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया दी।
संजय राउत ने कहा कि यदि युवा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और लोकतांत्रिक माध्यमों से सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं, तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात कहने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।
राउत ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इतना ही नहीं, देश के अलग-अलग हिस्सों से आंदोलन में शामिल होने आ रहे युवाओं को रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर भी कथित रूप से रोका जा रहा है।
अपने बयान में संजय राउत ने एक तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “सरकार आखिर कॉकरोच से क्यों डर रही है?” उन्होंने कहा कि युवाओं में जागरूकता आना और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है।
संजय राउत ने कथित परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और संबंधित मंत्री से इस्तीफा नहीं लिया जाता, तो सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करने का नैतिक अधिकार खो देती है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शिक्षा विभाग या पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। इसलिए जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है।
फिलहाल जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी है और इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों और मांगों पर क्या रुख अपनाती है।
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