लखनऊ में विश्व पर्यावरण दिवस पर चला वृक्षारोपण अभियान
लखनऊ, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर लखनऊ के पुराना उच्च न्यायालय परिसर में वृहद वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और हरित भविष्य के निर्माण का संदेश देना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय प्रभारी जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ, हुसैन अहमद अंसारी ने की। उनके नेतृत्व में न्यायालय परिसर में विभिन्न प्रकार के छायादार, फलदार और औषधीय पौधों का रोपण किया गया।
न्यायिक अधिकारियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
वृक्षारोपण कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव अभिषेक गुप्ता सहित अनेक न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी ने पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में ऐसे पौधे लगाए गए जो न केवल पर्यावरण को शुद्ध बनाने में सहायक हैं, बल्कि जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन को भी मजबूत करेंगे।
पेड़-पौधे मानव जीवन का आधार: हुसैन अहमद अंसारी
अपने संबोधन में माननीय प्रभारी जनपद न्यायाधीश हुसैन अहमद अंसारी ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व का आधार भी हैं। शुद्ध वायु, स्वच्छ जल और संतुलित जलवायु के लिए वृक्षों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाएं तथा उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करें। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ जनभागीदारी भी आवश्यक है। यदि प्रत्येक नागरिक वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो हरित क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
विश्व पर्यावरण दिवस जैसे अवसर समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। न्यायालय परिसर में आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम भी इसी दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
लखनऊ में आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक भी था। न्यायिक अधिकारियों द्वारा दिया गया यह संदेश समाज के सभी वर्गों को प्रकृति संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करता है।
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