Sunday, August 2, 2026
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पुणे में आर्थिक तंगी से टूटा परिवार: पिता की मौत, पत्नी और बेटी ICU में, सुसाइड नोट में छलका दर्द

महाराष्ट्र के पुणे से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक परिवार ने कथित तौर पर सामूहिक आत्महत्या की कोशिश की। इस घटना में 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी और 19 वर्षीय बेटी की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों का अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें परिवार की आर्थिक परेशानियों का जिक्र होने की बात कही गई है।

यह घटना पुणे के पिंपरी क्षेत्र के मोरवाड़ी स्थित करिश्मा ग्लोरी सोसाइटी की है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान विनोद पिल्लई (50 वर्ष) के रूप में हुई है। उनकी पत्नी सिरजा पिल्लई (45 वर्ष) और बेटी पूर्णिमा पिल्लई (19 वर्ष) को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना का खुलासा तब हुआ, जब सिरजा पिल्लई अपने स्कूल नहीं पहुंचीं। वह मोरवाड़ी के एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में कोऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत हैं। स्कूल के सहकर्मियों ने उनसे कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद परिवार के रिश्तेदारों को सूचना दी गई।

जब एक रिश्तेदार फ्लैट पर पहुंचे तो उन्होंने तीनों को अचेत अवस्था में पाया। इसके बाद तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने विनोद पिल्लई को मृत घोषित कर दिया। वहीं उनकी पत्नी और बेटी की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया।

पुलिस को घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नोट में परिवार की आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का उल्लेख किया गया है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सुसाइड नोट की जांच की जा रही है और उसकी सत्यता की पुष्टि के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति, हाल के घटनाक्रम और अन्य परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। साथ ही परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर घटना के पीछे की वास्तविक वजह जानने का प्रयास किया जा रहा है।

यह घटना आर्थिक और मानसिक तनाव से जुड़े गंभीर सामाजिक मुद्दों की ओर भी ध्यान दिलाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कठिन परिस्थितियों में समय रहते परिवार, मित्रों या पेशेवर सहायता लेना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

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