दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजधानीवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन सिर्फ एक राष्ट्रीय पर्व मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि उन असंख्य वीरों के अद्वितीय साहस, त्याग और बलिदान को याद करने का भी दिन है, जिनकी वजह से देश आजादी की खुली हवा में सांस ले रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक महत्व तभी है, जब देश के हर नागरिक को बेहतर जीवन, सम्मान और विकास के समान अवसर मिलें। उन्होंने दिल्ली के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर बात करते हुए कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण राजधानी के भविष्य की सबसे मजबूत नींव हैं। सरकार का प्रयास केवल मौजूदा समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि ऐसी मजबूत और टिकाऊ व्यवस्था तैयार करना है, जो आने वाले दशकों तक दिल्ली के लोगों की जरूरतों और आकांक्षाओं पर खरी उतर सके। रेखा गुप्ता ने केंद्र सरकार के सहयोग का भी उल्लेख किया और कहा कि केंद्र के सहयोग से दिल्ली को विकास के कई क्षेत्रों में लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच बेहतर तालमेल का सीधा फायदा राजधानी की जनता तक पहुंचना चाहिए और इसी उद्देश्य के साथ विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि दिल्ली के लोगों को बेहतर और सुविधाजनक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था किसी भी विकसित शहर की बुनियादी जरूरत होती है। इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है, ताकि दिल्ली के बच्चे और युवा भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी शहर का विकास सिर्फ नई सड़कों, इमारतों और इंफ्रास्ट्रक्चर से नहीं मापा जा सकता, बल्कि असली विकास तब माना जाता है जब आम लोगों का जीवन आसान और सुरक्षित हो। इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उन्होंने कहा कि दिल्ली की बढ़ती आबादी और लगातार बदलती जरूरतों को देखते हुए मजबूत बुनियादी ढांचे की जरूरत है। वहीं पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सरकार गंभीरता से काम करने की बात कह रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक दिल्ली को ऐसा शहर बनाना जरूरी है, जहां विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन भी बना रहे और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर वातावरण मिल सके। अपने संबोधन में रेखा गुप्ता ने अनमोल योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जन्म लेने वाले हर नवजात को बेहतर शुरुआत देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इस तरह की योजनाओं का उद्देश्य परिवारों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना और बच्चों के भविष्य को मजबूत आधार देना है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से भी विकास की इस यात्रा में अपनी भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं बनाकर उन्हें लागू कर सकती है, लेकिन किसी भी योजना की सफलता के लिए जनता की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि आजादी हमें अधिकारों के साथ-साथ जिम्मेदारियां भी देती है। इसलिए हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने शहर और देश को बेहतर बनाने में योगदान दे। मुख्यमंत्री के संबोधन में दिल्ली के वर्तमान विकास के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों पर भी विशेष जोर रहा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जो लंबे समय तक टिकाऊ रहे और आने वाली पीढ़ियों को भी उसका लाभ मिल सके। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रेखा गुप्ता का संदेश विकास, जिम्मेदारी, सहयोग और बेहतर भविष्य की दिशा में केंद्रित रहा। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र के सहयोग और दिल्ली सरकार के प्रयासों से राजधानी में विकास की रफ्तार को और आगे बढ़ाया जाएगा और दिल्ली को एक मजबूत, आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक शहर बनाने की दिशा में लगातार काम जारी रहेगा।
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