महाराष्ट्र के यवतमाल जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां सेल्फी और रील बनाने के दौरान दो कॉलेज छात्राओं की जान चली गई। बताया जा रहा है कि फार्मेसी कॉलेज के करीब 15 छात्रों का समूह कॉलेज की छुट्टी के बाद घूमने के लिए बोरगांव डैम पहुंचा था। इसी दौरान 21 वर्षीय मोहिनी गौत्रे और 21 वर्षीय अमृता खेडकर डैम की दीवार पर खड़ी होकर मोबाइल फोन से सेल्फी ले रही थीं और रील शूट कर रही थीं। इसी बीच अचानक दोनों का संतुलन बिगड़ गया और एक छात्रा पानी में जा गिरी। सहेली को पानी में गिरता देखकर दूसरी छात्रा ने उसकी जान बचाने के लिए बिना देर किए पानी में छलांग लगा दी। लेकिन डैम में पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण दोनों खुद को संभाल नहीं सकीं और देखते ही देखते पानी में डूब गईं। हादसे के बाद मौके पर मौजूद छात्रों में चीख-पुकार मच गई। साथियों ने दोनों को बचाने की कोशिश की और घटना की सूचना पुलिस तथा स्थानीय प्रशासन को दी गई। जानकारी मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और पानी में दोनों छात्राओं की तलाश शुरू की गई। काफी प्रयास के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद मृतक छात्राओं के परिवारों में मातम पसर गया। जिस कॉलेज ट्रिप को लेकर छात्र बेहद उत्साहित थे, वही कुछ ही समय में एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। बताया जा रहा है कि दोनों छात्राएं डैम की दीवार पर खड़े होकर मोबाइल से वीडियो बना रही थीं। इसी दौरान अचानक हुए हादसे ने सभी को झकझोर दिया। यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान खींचती है कि सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रील बनाने के दौरान लोग कई बार अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। खासकर बांध, नदी, झरने, पहाड़ और गहरे पानी वाले स्थानों पर कुछ सेकेंड का जोखिम जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। इस हादसे में एक छात्रा अपनी सहेली को बचाने के लिए पानी में कूद गई, लेकिन दुर्भाग्य से दोनों की जान चली गई। पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाने के साथ हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वहीं स्थानीय स्तर पर लोगों से अपील की जा रही है कि डैम और जलाशयों के आसपास सेल्फी या रील बनाने के दौरान बेहद सावधानी बरतें और प्रतिबंधित या जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें। हादसे के बाद बोरगांव डैम में सुरक्षा व्यवस्था और ऐसे संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी के इंतजाम को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड की वीडियो बनाने की कोशिश किस तरह जिंदगी को खतरे में डाल सकती है, यवतमाल की यह घटना उसका बेहद दुखद उदाहरण है। मोहिनी और अमृता के परिवारों ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि घर से निकली उनकी बेटियां वापस नहीं लौटेंगी। एक छोटी सी लापरवाही ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं और दोस्तों के लिए भी यह घटना जिंदगी भर की कड़वी याद बन गई। यह हादसा लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि किसी भी वायरल वीडियो या रील से ज्यादा महत्वपूर्ण इंसान की जिंदगी है। पानी के आसपास मनोरंजन या वीडियो बनाने के दौरान थोड़ी सी सावधानी किसी बड़े हादसे को रोक सकती है।
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