महाराष्ट्र के पुणे से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। सावन महीने में मटन बनाने को लेकर शुरू हुआ घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि एक पिता पर अपने ही 30 वर्षीय बेटे की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगा है। घटना पुणे के वारजे-मालवाड़ी इलाके की बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी पिता को हत्या के आरोप में और मां को कथित तौर पर सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
मृतक की पहचान 30 वर्षीय महेश भगवान गायकवाड़ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, महेश सावन के दौरान घर में मटन बनाने की जिद कर रहा था। इसी बात को लेकर उसका अपने पिता भगवान सूर्यभान गायकवाड़ के साथ विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई।
आरोप है कि गुस्से में पिता ने महेश के साथ बुरी तरह मारपीट की। मारपीट के दौरान महेश गंभीर रूप से घायल हो गया। हालत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में भी सनसनी फैल गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने इस मामले में 64 वर्षीय भगवान सूर्यभान गायकवाड़ को गिरफ्तार किया है। उन पर अपने बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ और मारपीट किस स्तर तक पहुंची।
इस मामले में मृतक की मां 60 वर्षीय पार्वती भगवान गायकवाड़ को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, महिला पर घटना के बाद कथित तौर पर सबूत मिटाने में मदद करने का आरोप है। अब पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यही है कि परिवार के भीतर एक मामूली घरेलू विवाद ने कथित तौर पर इतनी भयावह शक्ल ले ली कि एक युवक की जान चली गई। सावन के दौरान मांसाहार को लेकर परिवार में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी विवाद का हिंसा में बदल जाना गंभीर चिंता का विषय है।
बताया जा रहा है कि महेश मटन पकाने की जिद पर अड़ा हुआ था, जबकि उसके पिता इसके विरोध में थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हुई। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही विवाद के दौरान हुई घटनाओं की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
पुणे पुलिस अब मामले में उपलब्ध सबूतों को जुटा रही है। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, परिवार के सदस्यों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि महेश की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना के बाद आरोपियों की भूमिका क्या रही।
मां की गिरफ्तारी ने भी मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस का आरोप है कि घटना के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि कथित तौर पर कौन से सबूत हटाए गए और ऐसा क्यों किया गया।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि घरेलू विवाद अगर समय रहते शांत न हो तो वह बेहद खतरनाक रूप ले सकता है। किसी भी पारिवारिक या धार्मिक मतभेद को बातचीत से सुलझाने की जरूरत होती है। गुस्से में उठाया गया हिंसक कदम पूरे परिवार की जिंदगी बदल सकता है।
फिलहाल पुणे पुलिस ने पिता और मां दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस तरह बढ़ा और महेश की मौत के पीछे घटनाओं की पूरी कड़ी क्या थी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट होंगे।
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