पिछले पांच कारोबारी सत्रों से लगातार तेजी का जश्न मना रहे निवेशकों को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा। घरेलू शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों भारी गिरावट के साथ बंद हुए। दिनभर के कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त दबाव देखने को मिला, जिसने पूरे बाजार की दिशा बदल दी।
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। वैश्विक तकनीकी कंपनियों के कमजोर अनुमानों और विदेशी संकेतों का सीधा असर भारतीय बाजार पर देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कई दिनों की लगातार तेजी के बाद यह गिरावट एक आवश्यक सुधार यानी करेक्शन का हिस्सा भी हो सकती है।
कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स एक समय 900 अंकों से अधिक टूट गया था। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद बाजार नुकसान से बाहर नहीं निकल सका। कारोबार समाप्त होने तक सेंसेक्स 607.08 अंकों यानी 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,802.90 अंकों पर बंद हुआ।
वहीं राष्ट्रीय शेयर बाजार यानी निफ्टी भी पूरे दिन दबाव में रहा। कारोबार के दौरान निफ्टी 23,950 अंकों के नीचे फिसल गया था। दिन के अंत में निफ्टी 154.90 अंकों यानी 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,013.10 अंकों पर बंद हुआ।
गौरतलब है कि इससे पहले लगातार पांच कारोबारी सत्रों में बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया था और दोनों प्रमुख सूचकांकों में पांच प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई थी। ऐसे में शुक्रवार की गिरावट को विशेषज्ञ आंशिक मुनाफावसूली और वैश्विक दबाव का परिणाम मान रहे हैं।
सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से 17 कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए। सबसे बड़ी गिरावट आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस में देखने को मिली। कंपनी का शेयर 6.41 प्रतिशत टूट गया। इसके अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिंद्रा बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और टाटा स्टील के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
हालांकि बाजार में कुछ कंपनियों ने मजबूती भी दिखाई। भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, ट्रेंट, एनटीपीसी और आईटीसी के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जिसने बाजार को आंशिक सहारा देने का प्रयास किया।
इस बीच देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर भी दबाव में रहा। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर में लगभग डेढ़ प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। शेयर 1,331 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 1,305.50 रुपये तक फिसल गया।
इसी बीच रिलायंस समूह की डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स को लेकर भी बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसके निदेशक मंडल ने 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन शेयरों का मूल्य निर्धारण बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में जियो प्लेटफॉर्म्स का सार्वजनिक निर्गम निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
व्यापक बाजार यानी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। मध्यम आकार की कंपनियों का सूचकांक 0.22 प्रतिशत गिरा, जबकि छोटी कंपनियों का सूचकांक 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
अगर सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र सबसे ज्यादा दबाव में रहा। इसके अलावा रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और तेल एवं गैस सेक्टर के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि फार्मा सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया और दिन के मजबूत क्षेत्रों में शामिल रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तकनीकी कंपनियों के कमजोर अनुमानों का सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा है। विदेशी निवेशकों की रणनीति और अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत आने वाले दिनों में भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगे।
अब निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़ी गतिविधियों पर बनी रहेगी। बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
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