राजस्थान की राजधानी जयपुर से सामने आया एक चर्चित हत्याकांड अब और भी गंभीर होता जा रहा है। पहले जहां 23 वर्षीय आयुषी शर्मा पर अपनी मां की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा था, वहीं अब उसके पिता की मौत को लेकर भी नए आरोप सामने आए हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और अभी तक इन नए आरोपों की पुष्टि जांच के जरिए की जानी बाकी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जयपुर की लोअर डिवीजन क्लर्क (एलडीसी) नीरज शर्मा की 3 जुलाई को प्रताप नगर क्षेत्र में एक स्कॉर्पियो वाहन से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती तौर पर इसे सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गई थी, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को हत्या की साजिश के संकेत मिले। इस मामले में आयुषी शर्मा सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसका रिश्तेदार बलराम उर्फ रवि अभी भी फरार बताया जा रहा है।
अब इस मामले में नया मोड़ तब आया जब नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा ने पुलिस और अदालत में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया है कि आयुषी शर्मा और उसके रिश्तेदार बलराम ने मिलकर उनके भाई विजय शर्मा की मौत में भी भूमिका निभाई हो सकती है। गौरतलब है कि विजय शर्मा राजस्थान हाई कोर्ट में कोर्ट मास्टर के पद पर कार्यरत रहे थे।
शिकायत के अनुसार, विजय शर्मा गंभीर रूप से बीमार थे, लेकिन उनकी तबीयत में सुधार हो रहा था। आरोप है कि इसी दौरान उन्हें परिवार से दूर रखा गया और उनके इलाज से जुड़ी जानकारी परिजनों से साझा नहीं की गई। बाद में परिवार को बताया गया कि उनका इलाज जयपुर के एक अस्पताल में चल रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब परिवार अस्पताल पहुंचा, तब डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें घर लाया गया, जहां बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
राकेश शर्मा ने यह भी आरोप लगाया है कि विजय शर्मा की मौत के बाद आयुषी ने अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी और पारिवारिक संपत्ति पर दावा करने की बात कही। इन आरोपों की फिलहाल पुलिस जांच कर रही है और अभी तक इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आयुषी ने कथित तौर पर अपनी मां को पहले धमकी दी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, परिवार के भीतर संपत्ति और अन्य विवादों को लेकर तनाव बना हुआ था। हालांकि इन सभी आरोपों की सत्यता का फैसला जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगा।
पुलिस के अनुसार, मां की हत्या के मामले की जांच के दौरान आयुषी ने पूछताछ में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। जांच एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम के पीछे संभावित मकसद, पारिवारिक विवाद और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। साथ ही फरार आरोपी बलराम की तलाश भी जारी है।
जयपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विजय शर्मा की मौत से जुड़े आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जाएगी। यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो इस मामले में अलग एफआईआर दर्ज की जा सकती है या मौजूदा मामले में अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और सभी आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में किसी भी आरोपी को दोषी मानना कानूनी रूप से उचित नहीं होगा, जब तक अदालत अपना अंतिम फैसला न दे दे।
अब पूरे मामले पर सभी की नजरें पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में जांच से सामने आने वाले तथ्य ही यह तय करेंगे कि इस चर्चित मामले में आगे क्या नया खुलासा होता है।
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