शादी का सपना दिखाया, प्यार का भरोसा दिलाया और फिर कुछ ही महीनों में ऐसा खेल खेला कि एक इंजीनियर ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार की जिंदगी भर की जमा पूंजी खत्म हो गई। मामला बिहार के दरभंगा से सामने आया है, जहां डेटिंग पोर्टल पर मिली एक युवती ने शादी का भरोसा देकर इंजीनियर युवक से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी कर ली। हैरानी की बात यह है कि आरोपी युवती ने केवल युवक को ही अपने जाल में नहीं फंसाया, बल्कि उसके माता-पिता और बहन की जमा पूंजी भी अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली। करीब तीन महीने तक चले इस कथित ठगी के खेल में युवती ने पहले प्यार और शादी का विश्वास जीता और फिर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये अपने कब्जे में कर लिए। जब युवक को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उसने पैसे वापस मांगे, तो युवती ने उससे संपर्क तोड़ लिया।
जानकारी के मुताबिक, दरभंगा निवासी इंजीनियर युवक की मुलाकात एक डेटिंग पोर्टल के जरिए श्रुति नाम की युवती से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह बातचीत दोस्ती में बदल गई। युवती ने युवक के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा और कुछ समय बाद शादी करने का भरोसा दिलाने लगी। युवक को भी लगा कि उसे एक ऐसा जीवनसाथी मिल गया है, जिसके साथ वह अपना भविष्य बना सकता है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर युवती ने कथित तौर पर उसे अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया। बातचीत के दौरान युवती ने खुद को एक इन्वेस्टमेंट बैंक में काम करने वाला बताया और शेयर बाजार में निवेश की अच्छी जानकारी होने का दावा किया।
इसके बाद युवती ने युवक को निवेश के जरिए कम समय में अच्छा मुनाफा कमाने का सपना दिखाया। उसने समझाया कि अगर सही तरीके से शेयर बाजार में पैसा लगाया जाए, तो कुछ ही समय में बड़ी रकम कमाई जा सकती है। शुरुआत में युवती ने निवेश को लेकर युवक का विश्वास जीतने की कोशिश की और फिर उसे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए तैयार किया। शादी का भरोसा और निवेश से मोटे मुनाफे की उम्मीद, इन दोनों बातों ने युवक को इस कदर प्रभावित किया कि उसने बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल किए युवती की बातों पर भरोसा करना शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में युवक के साथ-साथ उसके परिवार के लोग भी ठगी का शिकार बन गए। युवती ने कथित तौर पर युवक को इस तरह भरोसे में लिया कि उसने अपने माता-पिता और बहन की जमा पूंजी भी निवेश के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा दी। धीरे-धीरे ट्रांसफर की गई रकम बढ़ती चली गई और करीब तीन महीने के भीतर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की राशि अलग-अलग खातों में पहुंचा दी गई। परिवार को उम्मीद थी कि निवेश के जरिए उनकी रकम बढ़ेगी और भविष्य में आर्थिक फायदा होगा, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि वे एक बड़े साइबर ठगी के जाल में फंस चुके हैं।
तीन महीने तक पैसे ट्रांसफर करने के बाद जब युवक ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की, तो कथित तौर पर युवती का व्यवहार बदल गया। जिस युवती से युवक लगातार बातचीत कर रहा था और जिसे वह अपना होने वाला जीवनसाथी समझ रहा था, उसने अचानक संपर्क तोड़ लिया। फोन और बातचीत के जरिए संपर्क करने की कोशिशों के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तब युवक को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का शक गहराने लगा। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी सामने आई और पुलिस तक शिकायत पहुंची। अब इस मामले में साइबर ठगी के संभावित नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए करीब 30 बैंक खातों की जांच कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई और उन खातों का संचालन कौन कर रहा था। साइबर अपराध के मामलों में अक्सर ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजकर उसकी पहचान छिपाने की कोशिश की जाती है। ऐसे में पुलिस बैंकिंग लेनदेन, खाताधारकों की जानकारी और पैसों के ट्रांसफर से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि इस कथित ठगी में केवल एक युवती शामिल थी या इसके पीछे कोई संगठित साइबर गिरोह भी काम कर रहा था।
इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन डेटिंग पोर्टल और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी के खतरों को उजागर कर दिया है। साइबर अपराधी कई बार पहले दोस्ती करते हैं, फिर भावनात्मक संबंध बनाकर शादी या भविष्य के सपने दिखाते हैं और उसके बाद निवेश, नौकरी या किसी आर्थिक अवसर का लालच देकर लोगों से पैसे ऐंठते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित व्यक्ति भावनात्मक रूप से इतना जुड़ जाता है कि वह सामने वाले की पहचान और दावों की जांच करना भी जरूरी नहीं समझता।
इसलिए ऑनलाइन किसी अनजान व्यक्ति से दोस्ती करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। किसी के कहने पर बिना सत्यापन के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए। खासकर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर मिलने वाले अनजान लिंक, निजी बैंक खातों और गारंटीड मुनाफे के दावों से सतर्क रहना चाहिए। किसी भी निवेश से पहले संबंधित संस्था और उसके पंजीकरण की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से जांचनी चाहिए।
फिलहाल दरभंगा के इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कथित ठगी और 30 बैंक खातों की जांच के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर श्रुति कौन है और क्या इस पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा साइबर नेटवर्क काम कर रहा है? जांच पूरी होने और आरोपियों की पहचान सामने आने के बाद ही इस पूरे ठगी के खेल की असली तस्वीर साफ हो सकेगी।
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