ग्रेटर नोएडा में 6 साल की बच्ची से रेप और हत्या के मामले में आरोपी बलराज के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मासूम बच्ची की हत्या के बाद से ही परिवार और स्थानीय लोगों में गुस्सा था और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही थी। अब पुलिस एनकाउंटर में आरोपी के मारे जाने के बाद पीड़ित परिवार की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। बच्ची के चाचा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि यूपी पुलिस अच्छा काम कर रही है और परिवार को न्याय मिला है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बलराज को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था। पूछताछ के दौरान पुलिस का दावा है कि आरोपी ने बच्ची की हत्या की बात स्वीकार की थी। इसके बाद पुलिस टीम उसे उस स्थान पर लेकर गई, जहां वारदात में इस्तेमाल चाकू छिपाए जाने की जानकारी मिली थी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान आरोपी ने झाड़ियों के पास छिपाकर रखी गई एक रिवॉल्वर निकाल ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी की ओर से गोली चलाए जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान बलराज को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी और पूरे घटनाक्रम से जुड़े सबूत जुटाए।
इस मामले की सबसे दर्दनाक कड़ी छह साल की मासूम बच्ची से जुड़ी है। बच्ची के साथ कथित तौर पर रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज की और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। परिवार के लिए यह घटना बेहद सदमे वाली थी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग लगातार की जा रही थी।
अब आरोपी के एनकाउंटर के बाद बच्ची के चाचा ने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने यूपी पुलिस की कार्रवाई की भी सराहना की। परिवार के सदस्य ने कहा कि जिस व्यक्ति ने बच्ची का अपहरण किया था, वह पहले से ही अपराधी था और अब परिवार को न्याय मिला है। परिवार की इस प्रतिक्रिया से साफ है कि वह पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नजर आ रहा है।
पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पास से हथियार भी बरामद किया गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी के पास रिवॉल्वर कहां से आई और उसने इसे पहले से वहां क्यों छिपाकर रखा था। साथ ही पुलिस पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खासतौर पर बच्चों और महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराधों के मामलों में पुलिस पर त्वरित कार्रवाई का दबाव रहता है। इस मामले में पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपराध से जुड़ी जानकारी दी और बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई हुई।
हालांकि किसी भी पुलिस मुठभेड़ के मामले में घटनाक्रम की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होती है, ताकि पूरी घटना की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकें। फिलहाल पुलिस की ओर से मुठभेड़ को लेकर दी गई जानकारी और पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया सामने है। मामले में आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि वारदात से जुड़े सभी पहलुओं और आरोपी की भूमिका की पूरी तस्वीर क्या थी।
ग्रेटर नोएडा की इस घटना ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली और परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। अब आरोपी की मौत के बाद परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय मिला है। वहीं पुलिस के सामने अब चुनौती है कि पूरे मामले की जांच को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए और बच्ची से जुड़ी इस भयावह वारदात के सभी पहलुओं को सामने लाया जाए।
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