विशाख जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, लखनऊ में जिला शुल्क नियामक समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 एवं संशोधन अधिनियम, 2020 के तहत स्कूल फीस को नियंत्रित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए।
⚖️ School Fee Hike Rules Lucknow: क्या हैं नए नियम?
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब निजी विद्यालय मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे।
👉 फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा:
- उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)
- अधिकतम 5% अतिरिक्त शुल्क
➡️ इससे अधिक वृद्धि करने वाले स्कूलों पर सीधी कार्रवाई होगी।
👨👩👧 Parents Rights in Lucknow: अभिभावकों को क्या राहत?
- किसी भी छात्र को विशेष दुकान से किताब/यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा
- हर फीस भुगतान पर रसीद देना अनिवार्य
- स्कूल को अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर पूरी फीस संरचना सार्वजनिक करनी होगी
👥 Complaint System: शिकायत कैसे करें?
जिलाधिकारी ने ज्योति गौतम एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया है।
📌 शिकायत कर सकते हैं:
- छात्र
- अभिभावक
- PTA सदस्य
👉 शिकायतों पर संयुक्त टीम द्वारा जांच की जाएगी, जिसमें SDM, ACM और प्रधानाचार्य शामिल होंगे।
👕📚 Uniform & Books Policy 2026
- 5 वर्षों तक यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं
- NCERT आधारित स्कूलों में केवल NCERT किताबें अनिवार्य
➡️ इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा।
⚠️ Strict Action on Schools: नियम तोड़े तो क्या होगा?
- ₹5 लाख तक जुर्माना
- विद्यालय की मान्यता/NOC रद्द
- प्रशासन द्वारा सीधा निरीक्षण और जांच
📊 Why This Matters
- निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण
- अभिभावकों को बड़ी राहत
- शिक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही
- सरकारी नियमों का सख्त पालन
🧾 Conclusion
विशाख जी के नेतृत्व में लखनऊ प्रशासन ने शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा सुधारात्मक कदम उठाया है। यह फैसला न केवल फीस नियंत्रण सुनिश्चित करेगा, बल्कि अभिभावकों के अधिकारों को भी मजबूत बनाएगा।
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