फाइनल मुकाबले में Shi Yuqi ने शुरुआत से दबदबा बनाए रखा और सीधे गेम में 21-8, 21-10 से जीत दर्ज की।
करीब 40 मिनट चले इस मैच में भारतीय खिलाड़ी को वापसी का मौका नहीं मिल पाया।
फिर भी ऐतिहासिक उपलब्धि
Ayush Shetty ने रजत पदक जीता
61 साल बाद कोई भारतीय पुरुष खिलाड़ी फाइनल में पहुंचा
इससे पहले Dinesh Khanna ने 1965 में खिताब जीता था
पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन
आयुष शेट्टी ने:
Li Shifeng को हराया
Jonatan Christie को क्वार्टरफाइनल में मात दी
सेमीफाइनल में Kunlavut Vitidsarn को हराया
तीन टॉप खिलाड़ियों को हराकर फाइनल तक पहुंचे
भविष्य के लिए बड़ा संकेत
विश्व रैंकिंग में सुधार की संभावना
भारत के लिए नए स्टार का उदय
लंबे समय से चले आ रहे खिताबी सूखे को खत्म करने की उम्मीद
निष्कर्ष
Ayush Shetty का यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारतीय बैडमिंटन का भविष्य मजबूत हाथों में है। सिल्वर मेडल के साथ उन्होंने आने वाले समय के लिए बड़ी उम्मीद जगा दी है।
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