Rahul Dravid ने क्रिकेट की दुनिया में एक नई पारी की शुरुआत कर दी है। यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग 2026 से पहले डबलिन फ्रेंचाइजी ने राहुल द्रविड़ को अपना मालिक घोषित किया है। इस खबर के सामने आते ही क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है।
इतना ही नहीं, Ravichandran Ashwin भी इस लीग से जुड़ गए हैं। अश्विन डबलिन टीम के कप्तान और मेंटर की भूमिका निभाते नजर आएंगे। क्रिकेट फैंस के लिए यह एक बड़ा सरप्राइज माना जा रहा है।
यूरोप में क्रिकेट को बढ़ावा देने की तैयारी
यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग का आयोजन Cricket Ireland, Cricket Scotland और Royal Dutch Cricket Association के सहयोग से किया जा रहा है।
इस लीग में कुल छह फ्रेंचाइजी हिस्सा लेंगी, जिनमें डबलिन, बेलफास्ट, एडिनबर्ग, ग्लासगो, रॉटरडैम और एम्स्टर्डम शामिल हैं। लीग का मकसद यूरोप में क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ाना और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच देना है।
अभिषेक बच्चन ने बताई बड़ी योजना
डबलिन में आयोजित लॉन्च इवेंट के दौरान Abhishek Bachchan ने कहा कि राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज का लीग से जुड़ना इसकी विश्वसनीयता को और मजबूत करता है।
उन्होंने बताया कि लीग केवल स्टार खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर क्रिकेट को बढ़ाने और स्थानीय टैलेंट को आगे लाने पर भी फोकस करेगी।
Ashwin की एंट्री से बढ़ा रोमांच
BCCI के नियमों के अनुसार सक्रिय भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीग में हिस्सा नहीं ले सकते। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद अश्विन अब इस लीग में खेल सकते हैं।
अश्विन को दुनिया के सबसे रणनीतिक और अनुभवी स्पिनरों में गिना जाता है। ऐसे में उनकी कप्तानी और मेंटरशिप लीग के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
Rahul Dravid ने कही ये बात
राहुल द्रविड़ ने अपनी नई भूमिका को लेकर कहा कि यूरोप में क्रिकेट के विस्तार और युवा खिलाड़ियों को अवसर देने का विजन उन्हें इस प्रोजेक्ट की ओर खींच लाया।
उन्होंने कहा कि डबलिन में क्रिकेट को लेकर शानदार माहौल है और आने वाले समय में यहां खेल के विकास की काफी संभावनाएं हैं।
बड़े खिलाड़ियों से सजेगी लीग
बताया जा रहा है कि यह लीग 26 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक खेली जाएगी। इसमें कुल 33 मुकाबले होंगे।
इस लीग से Steve Smith, Glenn Maxwell, Faf du Plessis, Heinrich Klaasen, Liam Livingstone और Tim David जैसे कई बड़े नाम भी जुड़े हुए हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह लीग सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में यूरोप क्रिकेट का बड़ा बाजार बन सकता है।
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