भारतीय टेनिस टीम के लिए डेविस कप में अगली चुनौती बेहद अहम होने जा रही है। भारत को डेविस कप के दूसरे दौर के क्वालीफायर मुकाबले में दक्षिण कोरिया का सामना करना है। दोनों देशों के बीच यह मुकाबला 18 और 19 सितंबर को दक्षिण कोरिया की मेजबानी में खेला जाएगा। इस मुकाबले के नतीजे से यह तय होगा कि कौन सी टीम नवंबर में होने वाले डेविस कप के अंतिम आठ चरण में अपनी जगह बनाएगी।
भारत और दक्षिण कोरिया आमने-सामने
डेविस कप के दूसरे दौर के इस मुकाबले में भारतीय टीम के सामने दक्षिण कोरिया की चुनौती होगी। भारत फिलहाल डेविस कप रैंकिंग में 19वें स्थान पर है, जबकि दक्षिण कोरिया 16वें स्थान पर मौजूद है। रैंकिंग के लिहाज से दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।
दक्षिण कोरिया को अपने घरेलू कोर्ट का फायदा मिलने की उम्मीद है। वहीं भारतीय टीम अपने अनुभव और पिछले रिकॉर्ड के दम पर मुकाबला जीतने की कोशिश करेगी। दो दिनों तक चलने वाले इस मुकाबले में खिलाड़ियों का प्रदर्शन, टीम संयोजन और दबाव में बेहतर खेलना काफी महत्वपूर्ण रहेगा।
10 अगस्त को होगा भारतीय टीम का चयन
इस महत्वपूर्ण मुकाबले के लिए भारतीय टीम का चयन 10 अगस्त को किया जाना है। चयनकर्ताओं के सामने ऐसे खिलाड़ियों को चुनने की चुनौती होगी, जो दक्षिण कोरिया की परिस्थितियों और मुकाबले के दबाव का सामना कर सकें।
भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को भी मौका मिल सकता है। हालांकि अंतिम टीम में किन खिलाड़ियों को जगह मिलती है, इसका फैसला 10 अगस्त को चयन के बाद ही स्पष्ट होगा।
एक दशक बाद फिर आमना-सामना
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच डेविस कप मुकाबले का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। दोनों टीमों की पिछली भिड़ंत करीब एक दशक पहले चंडीगढ़ में हुई थी। उस मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया को 4-1 से मात दी थी।
वह मुकाबला एशिया ओशियाना ग्रुप-1 का हिस्सा था। अब लंबे अंतराल के बाद दोनों टीमें एक बार फिर डेविस कप के महत्वपूर्ण मुकाबले में आमने-सामने होंगी। हालांकि इस बार मुकाबला दक्षिण कोरिया की धरती पर होगा, इसलिए भारतीय खिलाड़ियों के सामने घरेलू परिस्थितियों में खेलने की चुनौती रहेगी।
रिकॉर्ड में दक्षिण कोरिया मामूली आगे
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच अब तक हुए डेविस कप मुकाबलों में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला है। दक्षिण कोरिया का भारत के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 6-5 का है। यानी दोनों टीमों के बीच अंतर बेहद मामूली है।
इस रिकॉर्ड को देखते हुए आगामी मुकाबला भी रोमांचक होने की उम्मीद है। भारतीय टीम के लिए दक्षिण कोरिया को उसके घरेलू कोर्ट पर हराना आसान नहीं होगा, लेकिन पिछली भिड़ंत में मिली 4-1 की जीत से टीम को आत्मविश्वास जरूर मिल सकता है।
नवंबर में अंतिम आठ का टिकट दांव पर
इस मुकाबले का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि दूसरे दौर में जीत दर्ज करने वाली टीम नवंबर में होने वाले डेविस कप के अंतिम आठ चरण में पहुंच जाएगी। यानी 18 और 19 सितंबर का मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है।
भारतीय टीम की नजरें अब 10 अगस्त को होने वाले चयन पर होंगी। इसके बाद टीम मुकाबले की तैयारियों को अंतिम रूप देगी। भारतीय टेनिस प्रशंसकों की उम्मीद होगी कि टीम दक्षिण कोरिया में शानदार प्रदर्शन करे और डेविस कप के अंतिम आठ चरण में जगह बनाकर देश का नाम रोशन करे।
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