- अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय के नेतृत्व में 8 अगस्त 2026 (शनिवार) को राजधानी लखनऊ में भव्य भोजपुरी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम सायं 3:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह, लोक निर्माण विभाग, हजरतगंज में आयोजित होगा।
आयोजकों के अनुसार, इस महोत्सव का उद्देश्य भोजपुरी भाषा, लोक संस्कृति, लोक कला, लोक साहित्य और भोजपुरी अंचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा।
कई प्रमुख हस्तियां रहेंगी मौजूद
महोत्सव में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह तथा लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
इसके अतिरिक्त भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी, विधायक, विधान परिषद सदस्य और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य लोग भी समारोह में शामिल होने की संभावना है।
50 से अधिक लोक कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
महोत्सव में भोजपुरी के प्रसिद्ध गायक एवं कलाकार मनोज तिवारी, कल्पना पटवारी, गोपाल राय, अवधेश, सुरेश कुशवाहा, एस.पी. चौहान, संतोष कुमार बनारसी सहित 50 से अधिक लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम में भोजपुरी लोक संगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भोजपुरी संस्कृति की विविधता को दर्शाया जाएगा।
विभिन्न सम्मानों से सम्मानित होंगी विभूतियां
अखिल भारतीय भोजपुरी समाज की ओर से समाज, प्रशासन, राजनीति, चिकित्सा, शिक्षा, बैंकिंग, मीडिया और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को भोजपुरी शिरोमणि, भोजपुरी रत्न और भोजपुरी गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
भोजपुरी शिरोमणि सम्मान से कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि भोजपुरी रत्न सम्मान के तहत प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया जगत की प्रमुख हस्तियों को सम्मान प्रदान किया जाएगा।
इसके अलावा भोजपुरी गौरव सम्मान से पुलिस, स्वास्थ्य, पर्यटन, संस्कृति, बैंकिंग और सामाजिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों एवं समाजसेवियों को सम्मानित करने की भी योजना है।
42 वर्षों से लगातार हो रहे आयोजन
आयोजकों के अनुसार, अखिल भारतीय भोजपुरी समाज पिछले 42 वर्षों से लगातार भोजपुरी भाषा, लोक संस्कृति, लोक कला, लोक साहित्य, पारंपरिक खान-पान और वेशभूषा के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करता आ रहा है। समाज द्वारा भोजपुरी महोत्सव, छठ महापर्व और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से देश-विदेश में भोजपुरी संस्कृति को नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
इन प्रमुख मांगों पर होगी चर्चा
महोत्सव के दौरान भोजपुरी समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से—
भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग।
भोजपुरी अकादमी के गठन का प्रस्ताव।
छठ महापर्व पर राष्ट्रीय अवकाश की मांग।
भोजपुरी भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकारी स्तर पर ठोस पहल।
आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम में पारित प्रस्तावों के माध्यम से इन मांगों को प्रदेश और केंद्र सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
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