एशियन गेम्स में भारतीय एथलेटिक्स के लिए तेजस्विन शंकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए डेकाथलॉन में कांस्य पदक अपने नाम किया है। दो दिनों तक चली इस कठिन प्रतियोगिता में तेजस्विन ने कुल 7,934 अंक हासिल किए और तीसरे स्थान पर रहे।
सबसे खास बात यह रही कि डेकाथलॉन की आखिरी स्पर्धा 1500 मीटर में तेजस्विन ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 4 मिनट 33.09 सेकंड का समय निकालकर इस रेस में पहला स्थान हासिल किया और अपने अभियान का अंत जीत के साथ किया।
हालांकि, 1500 मीटर में जीत हासिल करने के बावजूद तेजस्विन स्वर्ण पदक तक नहीं पहुंच सके। डेकाथलॉन का अंतिम परिणाम सभी 10 स्पर्धाओं में मिले अंकों के आधार पर तय होता है। जापान के युमा मारुयामा ने कुल 8,123 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के शिंगहुआ चेन ने रजत पदक अपने नाम किया।
डेकाथलॉन में खिलाड़ियों को लगातार 10 अलग-अलग स्पर्धाओं में प्रदर्शन करना होता है। इसमें 100 मीटर, लंबी कूद, शॉट पुट, ऊंची कूद, 400 मीटर, 110 मीटर हर्डल्स, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, जैवलिन थ्रो और 1500 मीटर शामिल हैं।
तेजस्विन ने इन 10 स्पर्धाओं में से तीन में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने लंबी कूद, ऊंची कूद और 1500 मीटर में शानदार प्रदर्शन किया। दो दिनों तक लगातार अलग-अलग खेलों में ऊर्जा और प्रदर्शन बनाए रखना अपने आप में बड़ी चुनौती होती है।
तेजस्विन का यह कांस्य पदक एशियन गेम्स में भारत के लिए 35वां पदक रहा। इसके साथ भारत की पदक संख्या 4 स्वर्ण, 15 रजत और 16 कांस्य तक पहुंच गई। एथलेटिक्स में भी भारत के पदकों की संख्या बढ़ी है।
इसी दिन भारतीय एथलेटिक्स में अंसी सोजन ने महिलाओं की लंबी कूद में रजत पदक जीता। अंसी ने 6.53 मीटर की छलांग लगाकर बढ़त बनाई थी, लेकिन चीन की यिंगयिंग हुआंग ने अपने अंतिम प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक हासिल कर लिया।
वहीं महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में हरिता भद्रा ने 23.20 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने बेहद करीबी मुकाबले में जापान की धाविका को पीछे छोड़ा। भारत की उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.46 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं।
इस तरह भारतीय एथलेटिक्स के लिए दिन कई पदकों के साथ महत्वपूर्ण रहा। वहीं तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन की आखिरी स्पर्धा में पहला स्थान हासिल करते हुए कांस्य पदक के साथ अपना अभियान समाप्त किया।
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