Sunday, September 27, 2026
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बारिश, बेबसी और बुझे चूल्हे… महोबा में सड़क पर चल रही नाव, 38 घंटे की बारिश ने रोकी जिंदगी

उत्तर प्रदेश के महोबा से सामने आई तस्वीरें बारिश की उस मार को दिखाती हैं, जहां सड़क और पानी के बीच फर्क करना मुश्किल हो गया है। बीजा नगर गांव में हालात ऐसे हैं कि लोगों को सड़क पर चलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। घरों के अंदर पानी पहुंच चुका है और रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

बताया जा रहा है कि करीब 38 घंटे तक हुई लगातार बारिश के बाद गांव के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। जिला मुख्यालय भले ही करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर हो, लेकिन गांव से बाहर निकलना लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। कई जगहों पर पानी इतना भर गया है कि पैदल चलने पर कमर तक पानी में उतरना पड़ सकता है।

सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों के सामने है, जिनके घरों में पानी घुस गया है। अनाज, कपड़े और घर का जरूरी सामान पानी की चपेट में आने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई परिवारों के लिए खाना बनाना भी चुनौती बन गया है, क्योंकि चूल्हे के लिए रखी लकड़ियां भीग चुकी हैं और घरों में पानी भरा हुआ है।

बारिश का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। गांव की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिस रास्ते से लोग रोज बाजार, काम या अस्पताल जाते थे, वहां अब पानी दिखाई दे रहा है। ऐसे में जरूरी काम के लिए बाहर निकलने वाले लोगों को पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है।

सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है जब किसी व्यक्ति की तबीयत खराब हो जाए। अस्पताल तक पहुंचने के लिए सामान्य रास्ता इस्तेमाल करना मुश्किल होने पर ग्रामीणों को पानी के बीच से निकलने या नाव का सहारा लेने की मजबूरी हो सकती है।

बारिश थमने के बाद भी गांव के लोगों की परेशानियां खत्म नहीं हुई हैं। घरों से पानी निकलने, गीले सामान को बचाने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती अभी भी बनी हुई है। कई परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब घर में चूल्हा ही नहीं जल पा रहा, तो खाना कैसे बनेगा।

महोबा के इस गांव की तस्वीरें यह बताती हैं कि तेज बारिश सिर्फ सड़कों और खेतों को प्रभावित नहीं करती, बल्कि उसका सीधा असर लोगों के घर, भोजन, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।

अब ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक मदद और जलभराव से राहत मिलने पर है। पानी कब पूरी तरह उतरेगा और गांव की आवाजाही कब सामान्य होगी, यह आने वाले समय में साफ होगा। फिलहाल बीजा नगर में बारिश भले थम गई हो, लेकिन पानी और उससे पैदा हुई बेबसी अभी भी लोगों के सामने खड़ी है।

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