कतर के रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए भीषण गैस विस्फोट में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बाद कतर के अमीर Tamim bin Hamad Al Thani ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को फोन कर गहरी संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस कठिन समय में भारत के साथ एकजुटता दिखाने के लिए कतर के अमीर का आभार व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
PM मोदी ने जताया आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि कतर के अमीर ने रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए दुखद हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि भारत उन परिवारों के दुख में शामिल है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और कतर दोनों देश अपने नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विदेश मंत्रालय लगातार संपर्क में
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने बताया कि भारत स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है ताकि मृतकों की पहचान कर उनके पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाए जा सकें।
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और सरकार लगातार राहत एवं समन्वय कार्यों में जुटी हुई है।
66 लोग घायल, इलाज जारी
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस हादसे में विभिन्न देशों के लगभग 66 लोग घायल हुए हैं।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें कितने भारतीय नागरिक शामिल हैं, लेकिन सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कहां हुआ हादसा?
यह विस्फोट Ras Laffan Industrial City स्थित बार्ज़ान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ।
यह संयंत्र QatarEnergy LNG द्वारा संचालित किया जाता है और दुनिया के प्रमुख एलएनजी (LNG) केंद्रों में से एक माना जाता है।
कुल 13 लोगों की मौत
कतर के ऊर्जा मंत्री Saad bin Sherida Al Kaabi ने पुष्टि की कि इस हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हुई है।
इनमें:
12 भारतीय नागरिक
1 अन्य विदेशी नागरिक शामिल है।
कई देशों के नागरिक घायल
अधिकारियों के अनुसार, घायलों में इन देशों के नागरिक शामिल हैं:
भारत
पाकिस्तान
बांग्लादेश
केन्या
घाना
तंजानिया
नाइजीरिया
नेपाल
कतर
भारतीय दूतावास ने शुरू की हेल्पलाइन
Embassy of India, Doha ने प्रभावित भारतीयों और उनके परिवारों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की है।
दूतावास ने कहा कि वह इस कठिन समय में सभी प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा।
निष्कर्ष
कतर के रास लाफ़ान गैस संयंत्र में हुआ यह हादसा भारतीय समुदाय के लिए बेहद दुखद साबित हुआ है। भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं ताकि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके।
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