मानसून के आगमन से पहले दिल्ली सरकार ने राजधानी में जलभराव और संभावित बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार ने ऐसे 169 स्थानों की पहचान की है जहां हर साल बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बार-बार सामने आती है।
इन स्थानों को जलभराव हॉटस्पॉट घोषित किया गया है और यहां विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि भारी बारिश के दौरान जनजीवन और यातायात पर असर को कम किया जा सके।
169 हॉटस्पॉट पर रहेगी विशेष नजर
दिल्ली सरकार के फ्लड कंट्रोल ऑर्डर के मुताबिक, वर्ष 2025 के दौरान इन 169 स्थानों पर लगातार जलभराव की घटनाएं दर्ज की गई थीं।
इनमें से करीब 31 हॉटस्पॉट रिंग रोड के आसपास स्थित हैं, जहां भारी बारिश के दौरान ट्रैफिक सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका रहती है।
सरकार का उद्देश्य समय रहते समस्या की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करना है।
नौ अंडरपास को माना गया अत्यधिक संवेदनशील
सरकार ने नौ अंडरपास को विशेष रूप से संवेदनशील श्रेणी में रखा है।
इनमें शामिल हैं:
Minto Bridge Underpass
Zakhira Underpass
Dwarka Underpass
Moolchand Underpass
Pul Prahladpur Underpass
Rambagh Underpass
Okhla Underpass
Sarita Vihar Underpass
Pandav Nagar Underpass
लगाए गए अस्थायी पंप सेट
जलभराव से निपटने के लिए सरकार ने संवेदनशील अंडरपासों पर अस्थायी पंप सेट तैनात किए हैं।
इसके अलावा बारिश के दौरान त्वरित कार्रवाई के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी तैयार की गई है।
इसका उद्देश्य:
पानी की निकासी तेज करना
यातायात बाधित होने से बचाना
आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाना
प्रगति टनल पर भी रहेगी कड़ी निगरानी
Pragati Tunnel समेत कई महत्वपूर्ण मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी, क्योंकि यहां पानी भरने से राजधानी के प्रमुख यातायात मार्ग प्रभावित हो सकते हैं।
मानसून से पहले प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
सरकार ने विभिन्न विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि भारी बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
प्रशासन की प्राथमिकता है कि:
सड़कें जल्दी साफ हों
ट्रैफिक बाधित न हो
लोगों को सुरक्षित आवाजाही मिल सके
निष्कर्ष
दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव हर साल बड़ी चुनौती बनता है। इस बार सरकार ने पहले से तैयारी करते हुए 169 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है और विशेष इंतजाम किए हैं। अब इन तैयारियों की असली परीक्षा मानसून की पहली भारी बारिश के दौरान होगी।
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