पुणे। अजीत पवार विमान दुर्घटना मामले को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। विधायक Rohit Pawar ने पुणे स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) मुख्यालय के बाहर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन कर जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दुर्घटना के चार महीने बाद भी किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा व्यापक जांच शुरू न किए जाने पर नाराजगी जताई।
CBI कार्यालय के बाहर किया प्रतीकात्मक प्रदर्शन
रोहित पवार भारी धातु की जंजीर और ताला लेकर CBI कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन जांच एजेंसियों की कथित निष्क्रियता को उजागर करने के लिए किया गया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने सवाल किया कि यदि एजेंसियां मामले की जांच नहीं कर रही हैं तो उनके अस्तित्व और खर्च का औचित्य क्या है।
उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि इतनी गंभीर घटना की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच आखिर क्यों नहीं हो रही है।
CBI जांच की मांग हुई तेज
रोहित पवार ने दोहराया कि विमान दुर्घटना की गहन और स्वतंत्र जांच बेहद जरूरी है। उनका आरोप है कि अब तक की जांच में कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मामला अब तक CBI को क्यों नहीं सौंपा गया।
विधायक का कहना है कि दुर्घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
वीएसआर वेंचर्स को लेकर जताई आशंका
रोहित पवार ने विमान संचालन से जुड़ी कंपनी VSR Ventures Private Limited को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कंपनी से जुड़े कुछ पहलुओं की गंभीर जांच की आवश्यकता है और प्रभावशाली लोगों द्वारा संरक्षण दिए जाने की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा कंपनी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पहले भी जता चुके हैं असंतोष
इससे पहले अप्रैल में रोहित पवार ने महाराष्ट्र CID अधिकारियों से मुलाकात कर जांच की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया था। उनका कहना था कि जांच में अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
फडणवीस ने भी की थी जांच की मांग
मार्च में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को पत्र लिखकर मामले की समयबद्ध, पारदर्शी और व्यापक जांच की मांग की थी।
पत्र में विमान संचालक कंपनी के सुरक्षा रिकॉर्ड, विमान रखरखाव मानकों, उड़ान दल की नियुक्ति प्रक्रिया, उड़ान डेटा में कथित विसंगतियों और संभावित नियामकीय चूक जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में बढ़ी चर्चा
रोहित पवार के विरोध प्रदर्शन के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। विपक्ष लगातार दुर्घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि जांच एजेंसियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
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