दिल्ली-NCR में पिछले दो-तीन दिनों से मौसम ने अचानक करवट ली है। बारिश, बादलों और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को सितंबर के इस दौर में मौसम काफी सुहावना महसूस हो रहा है। लेकिन अगर आपको लग रहा है कि अब दिल्ली में ठंडक का दौर शुरू हो गया है, तो तस्वीर कुछ अलग हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक यह राहत ज्यादा लंबे समय तक रहने की संभावना नहीं है और कल के बाद तापमान में फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
दिल्ली-NCR में बदले मौसम के पीछे कई मौसमी परिस्थितियां एक साथ जिम्मेदार बताई जा रही हैं। बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ा, जिसका असर आसपास के मैदानी इलाकों के मौसम पर भी देखने को मिला। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का असर भी मैदानी क्षेत्रों तक पहुंचने वाली हवाओं पर पड़ा है।
इसी वजह से दिल्ली और आसपास के इलाकों में बादल, बारिश और ठंडी हवाओं का दौर देखने को मिला। बारिश के बाद तापमान नीचे आया और दिन के समय भी मौसम में गर्मी पहले के मुकाबले कम महसूस हुई। कई इलाकों में लोगों को सितंबर के सामान्य मौसम से अलग ठंडक का अहसास हुआ।
लेकिन मौसम की यह तस्वीर स्थायी नहीं रहने वाली है। मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार दिल्ली-NCR में बारिश और ठंडक का दौर फिलहाल कल तक बना रह सकता है। इसके बाद मौसम के फिर से बदलने की संभावना है और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
यानी दिल्ली में आई यह ठंडक अभी सर्दियों की दस्तक नहीं है। बारिश और हवाओं की वजह से कुछ समय के लिए तापमान में कमी जरूर आई है, लेकिन इसके बाद गर्मी और उमस एक बार फिर अपना असर दिखा सकती है।
दिल्ली-NCR के लोगों के लिए यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राजधानी से मानसून की विदाई हो चुकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम पर स्थानीय परिस्थितियों और पश्चिमी विक्षोभ या अन्य मौसमी सिस्टम का असर अलग-अलग तरीके से देखने को मिल सकता है।
फिलहाल अगले एक दिन तक बारिश और ठंडी हवाओं से मौसम राहत देने वाला रह सकता है। लेकिन इसके बाद अगर तापमान बढ़ता है तो लोगों को फिर से गर्म और उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए दिल्ली की मौजूदा ठंडक को देखकर यह मान लेना कि अब मौसम पूरी तरह बदल गया है, सही नहीं होगा। अगले कुछ दिनों में तापमान और बारिश की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि राजधानी का मौसम एक बार फिर अपना दूसरा रंग दिखा सकता है।
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