एशियाई खेलों में भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। उत्तर प्रदेश के 28 वर्षीय धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर इन खेलों में अपना दूसरा पदक हासिल कर लिया है। इससे पहले गुलवीर 10,000 मीटर स्पर्धा में भी रजत पदक जीत चुके हैं।
सोमवार, 28 सितंबर को 1500 मीटर के फाइनल में गुलवीर सिंह ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 3 मिनट 36.72 सेकंड का समय निकालते हुए रेस पूरी की। यह उनका इस स्पर्धा में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा। इस शानदार समय के साथ उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
रेस में जापान के काज़ुतो इज़िज़ावा ने 3 मिनट 36.35 सेकंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीता। इज़िज़ावा ने इसी प्रदर्शन के साथ नया एशियाई खेल रिकॉर्ड भी बनाया। गुलवीर उनसे महज कुछ अंतर से पीछे रहे, लेकिन अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ उन्होंने सिल्वर पर कब्जा जमाया।
गुलवीर सिंह के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि एक ही एशियाई खेलों में उन्होंने दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीते हैं। इससे पहले 10,000 मीटर दौड़ में भी उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया था। यानी लंबी दूरी की दौड़ से लेकर 1500 मीटर जैसी तेज रफ्तार वाली स्पर्धा तक गुलवीर ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है।
गुलवीर के दूसरे पदक के साथ भारतीय एथलेटिक्स दल के प्रदर्शन को भी मजबूती मिली है। 1500 मीटर जैसी प्रतिस्पर्धी स्पर्धा में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ पदक जीतना उनके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इसी बीच महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में भी भारत के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई। विथ्या रामराज ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पीटी उषा के करीब चार दशक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इस तरह भारतीय एथलेटिक्स के लिए सोमवार का दिन कई मायनों में खास रहा। एक तरफ गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर के बाद 1500 मीटर में भी सिल्वर जीतकर अपना दूसरा पदक हासिल किया, तो दूसरी तरफ विथ्या रामराज ने 400 मीटर बाधा दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ एक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ा।
गुलवीर सिंह के प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि एक ही प्रतियोगिता में अलग-अलग दूरी की स्पर्धाओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना कितना चुनौतीपूर्ण होता है। 10,000 मीटर के बाद 1500 मीटर में उतरकर व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालना उनके अभियान की खास उपलब्धियों में शामिल हो गया है।
अब गुलवीर के नाम इन एशियाई खेलों में दो सिल्वर मेडल दर्ज हो चुके हैं। भारतीय खेल प्रशंसकों की नजरें अब एथलेटिक्स में आने वाले मुकाबलों और भारतीय खिलाड़ियों के आगे के प्रदर्शन पर रहेंगी।
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