लखनऊ। उत्तर प्रदेश में छात्रों और युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को एक साझा मंच से जोड़ने के उद्देश्य से आइसा के ‘GenZ Rising’ अभियान के उत्तर प्रदेश चैप्टर ने GEN-Z महाजुटान यात्रा की घोषणा की है। यात्रा की शुरुआत 9 सितंबर को इलाहाबाद से होगी और इसके बाद प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में छात्र-युवा महाजुटान आयोजित किए जाएंगे।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित घोषणा के दौरान बताया गया कि यात्रा में मुख्य रूप से नेहा और मनीष शामिल रहेंगे। कुछ पड़ावों पर JNUSU की अध्यक्ष अदिति और सह सचिव दानिश भी यात्रा से जुड़ेंगे। आयोजकों के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य अलग-अलग स्थानों पर चल रहे छात्र और युवा आंदोलनों तक पहुंचना तथा स्थानीय मुद्दों को व्यापक छात्र-युवा आंदोलन के सवालों से जोड़ना है।
पेपर लीक से लेकर शिक्षा और रोजगार तक कई मुद्दे
आयोजकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में हाल के महीनों में छात्रों और युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लगातार विरोध और आंदोलन देखने को मिले हैं। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, फीस वृद्धि, छात्रसंघ चुनाव की बहाली, सामाजिक न्याय और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।
12 जून को लखनऊ के इको गार्डन में छात्रों ने पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया था। इसके बाद 25 जुलाई को प्रयागराज, लखनऊ, झांसी और सहारनपुर समेत कई जिलों में छात्रों ने निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन किए।
छात्रों से जुड़े मुद्दे केवल प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहे। 31 जुलाई को लखनऊ में फीस वृद्धि, छात्रसंघ चुनाव की बहाली और छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन हुआ। वहीं 9 अगस्त को अंबेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े SC/ST छात्रों ने इको गार्डन पहुंचकर 70 प्रतिशत SC/ST प्रवेश व्यवस्था को बनाए रखने और उसे कानूनी संरक्षण देने की मांग उठाई।
इसी क्रम में 10 अगस्त को KGMU के इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड से जुड़े मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। लखनऊ विश्वविद्यालय में भी छात्रों का आंदोलन जारी रहा और 56 दिनों के संघर्ष के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन छात्रों का निष्कासन वापस लेने का फैसला किया। 14 और 17 अगस्त को लखनऊ में स्कूली छात्रों के प्रदर्शन ने भी शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवालों को सामने रखा।
9 सितंबर से शुरू होगी महाजुटान यात्रा
घोषित कार्यक्रम के अनुसार GEN-Z महाजुटान यात्रा का पहला बड़ा पड़ाव 9 सितंबर को इलाहाबाद में होगा। इसके बाद यात्रा का कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है—
- 9 सितंबर — इलाहाबाद
- 10 सितंबर — रायबरेली
- 12 सितंबर — बनारस
- 13 सितंबर — आजमगढ़
- 14 सितंबर — गोरखपुर
- 15 सितंबर — फैजाबाद
- 17 सितंबर — लखनऊ
- 18 सितंबर — मेरठ
इन शहरों में GEN-Z महाजुटान के माध्यम से स्थानीय छात्र-युवा समूहों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों और विभिन्न आंदोलनों से जुड़े लोगों के साथ संवाद करने की योजना है।
स्थानीय मुद्दों को व्यापक छात्र-युवा सवालों से जोड़ने की कोशिश
आयोजकों के मुताबिक, यह यात्रा केवल अलग-अलग शहरों में सभाएं करने या नेताओं के भाषण आयोजित करने तक सीमित नहीं होगी। इसका मुख्य फोकस स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों और संघर्षों को समझना तथा उन्हें प्रदेश के दूसरे हिस्सों में चल रहे छात्र-युवा आंदोलनों से जोड़ना होगा।
यात्रा के दौरान शिक्षा की पहुंच और लागत, रोजगार, भर्ती एवं परीक्षा व्यवस्था, सामाजिक न्याय, छात्र अधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों जैसे व्यापक मुद्दों पर चर्चा किए जाने की बात कही गई है।
आयोजकों का मानना है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों और युवाओं के सामने आने वाली समस्याएं भले ही स्थानीय स्तर पर अलग दिखाई दें, लेकिन उनके पीछे शिक्षा, रोजगार, अवसर और अधिकारों से जुड़े कई साझा सवाल मौजूद हैं। ऐसे में इन मुद्दों को एक साझा मंच पर लाने की जरूरत है।
जंतर-मंतर आंदोलन के बाद यूपी में विस्तार की कोशिश
‘GenZ Rising’ अभियान से जुड़े नेताओं का कहना है कि जंतर-मंतर पर सामने आए छात्र-युवा आंदोलन ने अलग-अलग मुद्दों को एक व्यापक मंच पर लाने की संभावना दिखाई है। GEN-Z महाजुटान यात्रा के जरिए इसी तरह की लामबंदी को उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक ले जाने की कोशिश की जा रही है।
यात्रा के आयोजकों के अनुसार, इसका लक्ष्य किसी एक शहर या एक मुद्दे तक आंदोलन को सीमित रखना नहीं, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय छात्र और युवा समूहों के बीच संवाद और समन्वय स्थापित करना है।
आने वाले दिनों में यह यात्रा उत्तर प्रदेश के छात्र-युवा आंदोलनों को किस तरह एक साझा मंच पर ला पाती है और स्थानीय मुद्दे किस रूप में प्रदेशव्यापी एजेंडे का हिस्सा बनते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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