भारत और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi और Lee Jae-myung ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।
क्या हुआ अहम समझौता?
नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान दोनों देशों ने:
व्यापार को 25 अरब डॉलर से बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा
कई सेक्टर्स में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई
वैश्विक शांति और स्थिरता पर जोर दिया
‘India-Korea Digital Bridge’ की शुरुआत
PM मोदी ने एक नई पहल की घोषणा की:
India-Korea Digital Bridge
इसका उद्देश्य:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
सेमीकंडक्टर
IT सेक्टर
में सहयोग को मजबूत करना है।
किन सेक्टर्स में बढ़ेगा सहयोग?
दोनों देशों ने कई अहम क्षेत्रों में MoU साइन किए:
जहाज निर्माण (Shipbuilding)
स्टील और पोर्ट्स
सस्टेनेबिलिटी
फिल्म, एनीमेशन और गेमिंग इंडस्ट्री
वैश्विक मंच पर साझेदारी
दक्षिण कोरिया ने International Solar Alliance में शामिल होने का फैसला किया
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर जोर
क्यों अहम है यह समझौता?
भारत के “Viksit Bharat 2047” विजन को मजबूती
टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग में बढ़त
ग्लोबल ट्रेड में भारत की स्थिति मजबूत
निष्कर्ष
India-South Korea के बीच यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि टेक्नोलॉजी, डिजिटल और वैश्विक रणनीति के स्तर पर भी बड़ा बदलाव ला सकता है। 2030 तक $50 बिलियन का लक्ष्य दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देगा।
![]()

