India Wholesale Inflation March 2026: भारत में महंगाई को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। Ministry of Commerce and Industry द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई बढ़कर 3.88% हो गई है।
यह वृद्धि इसलिए अहम है क्योंकि फरवरी 2026 में यह दर केवल 2.13% थी। यानी एक महीने के भीतर महंगाई में तेज उछाल देखने को मिला है, जिसने उद्योगों की लागत और आम लोगों के बजट पर असर डालना शुरू कर दिया है।
महंगाई बढ़ने की बड़ी वजहें
मंत्रालय के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी
विनिर्मित उत्पादों की लागत में वृद्धि
गैर-खाद्य वस्तुओं और बुनियादी धातुओं के दाम बढ़ना
खाद्य वस्तुओं में भी उतार-चढ़ाव
सेक्टर-वाइज स्थिति
प्राथमिक वस्तुएं: 6.36% महंगाई, कच्चे तेल और गैस से सबसे ज्यादा असर
ईंधन और बिजली: 1.05% (नकारात्मक से सकारात्मक में बदलाव)
विनिर्मित उत्पाद: 3.39%, 22 में से 16 सेक्टर में कीमतें बढ़ीं
एक्सपर्ट की राय
PHD Chamber of Commerce and Industry के अध्यक्ष राजीव जुनेजा के मुताबिक,
“WPI में यह उछाल ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ती लागत का संकेत है, जिससे आने वाले महीनों में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।”
खाद्य महंगाई का हाल
खाद्य सूचकांक में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। फरवरी के 192.9 के मुकाबले मार्च में यह 192.8 पर आ गया, जिससे संकेत मिलता है कि खाद्य कीमतों में फिलहाल स्थिरता बनी हुई है।
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