नई दिल्ली। NEET-UG 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी करते हुए दिल्ली सरकार पर परोक्ष रूप से निशाना साधा।
केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पंजाब सरकार के बाद अब दिल्ली सरकार ने भी NEET छात्रों के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया है। उनके इस बयान को दिल्ली सरकार की हालिया घोषणा पर तंज के रूप में देखा जा रहा है।
दरअसल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने NEET-UG 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए सभी DTC बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र वैध एडमिट कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा कर सकेंगे।
रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि किसी भी छात्र को अपने भविष्य से जुड़े इतने महत्वपूर्ण दिन पर यात्रा संबंधी परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं भी दीं और उनकी सफलता की कामना की।
इससे पहले पंजाब सरकार भी NEET उम्मीदवारों के लिए इसी तरह की सुविधा का ऐलान कर चुकी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की थी कि 20, 21 और 22 जून को NEET परीक्षा देने वाले छात्र पंजाब रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए छात्रों को केवल अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा था कि राज्य में कई ऐसे छात्र हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए यात्रा खर्च जुटाने में भी कठिनाई का सामना करते हैं। ऐसे छात्रों की मदद के लिए यह फैसला लिया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्रों के हित में शुरू की गई इस पहल को लेकर अब श्रेय लेने की राजनीति भी शुरू हो गई है। एक ओर आम आदमी पार्टी इसे अपनी सोच का विस्तार बता रही है, वहीं दिल्ली सरकार इसे छात्रों की सुविधा और कल्याण के लिए उठाया गया कदम बता रही है।
हालांकि सियासी बयानबाजी के बीच सबसे बड़ी राहत उन हजारों छात्रों को मिली है जो NEET-UG 2026 परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं। मुफ्त यात्रा की सुविधा से उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में आर्थिक और परिवहन संबंधी मदद मिलेगी।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होती है या फिर यह पहल केवल छात्रों के हित तक सीमित रहती है।
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