Friday, May 1, 2026
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लखनऊ कैंट में स्मार्ट मीटर विवाद, सपा का प्रदर्शन तेज

स्मार्ट मीटर को लेकर कैंट क्षेत्र में बढ़ा विरोध

लखनऊ। कैंट विधानसभा क्षेत्र के छावनी समेत कई इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि विद्युत विभाग बिना पूर्व सूचना और सहमति के उनके घरों में स्मार्ट मीटर लगा रहा है, जिससे लोगों में असंतोष और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

इसी मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने आम नागरिकों के साथ मिलकर हुसैनगंज स्थित विद्युत विभाग के मुख्य कार्यालय का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।


हुसैनगंज कार्यालय का घेराव, अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराज़गी जताई। इसके बाद सपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य अभियंता (चीफ) को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि—

  • बिना उपभोक्ता की अनुमति के स्मार्ट मीटर न लगाए जाएं
  • मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी दी जाए
  • बिलिंग और तकनीकी समस्याओं का पारदर्शी समाधान किया जाए

सपा का आरोप—जनता की सहमति के बिना लागू की जा रही योजना

सपा नेताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर आम जनता में कई तरह की आशंकाएं हैं, जैसे बिजली बिल में वृद्धि, तकनीकी खामियां और पारदर्शिता की कमी। उनका आरोप है कि विभाग इन चिंताओं को नजरअंदाज कर जल्दबाजी में इस योजना को लागू कर रहा है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जाते रहे, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

इस प्रदर्शन में लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा, कैंट के पूर्व अध्यक्ष रितेश साहू, पूजा शुक्ला, पूर्व पार्षद अरविंद यादव, अंजलि मसीह, फरीद बेग, जगदीश यादव, गोपाल कनौजिया, मुकेश धानुक, मनोज यादव, अभिषेक भट्ट, अमन धानुक, राजू यादव, बॉबी धानुक, डॉ. अभिषेक, विशाल रावत, प्रदीप कुमार, पार्षद प्रत्याशी मनोज सिंह, गुलज़ार खान, अमित लवली, निशू वर्मा, सुधीर पांडेय, संजय राजपूत, सुमित राजपूत, जानू, कंचन, अजीम, लता जयसवाल, हिना सहित बड़ी संख्या में पीड़ित उपभोक्ता मौजूद रहे।


Smart Meter क्या है और क्यों हो रहा है विवाद?

स्मार्ट मीटर एक डिजिटल बिजली मीटर है, जो रियल-टाइम बिजली खपत को रिकॉर्ड करता है और पारदर्शी बिलिंग में मदद करता है। हालांकि, कई उपभोक्ताओं का मानना है कि इससे बिजली बिल बढ़ सकते हैं और तकनीकी गड़बड़ियों की आशंका बनी रहती है।


निष्कर्ष: जनसहमति के बिना योजना लागू करना चुनौती

कैंट क्षेत्र में बढ़ता यह विरोध साफ संकेत देता है कि किसी भी नई तकनीक को लागू करने से पहले उपभोक्ताओं का विश्वास जीतना जरूरी है। अब यह देखना होगा कि विद्युत विभाग इस विवाद को कैसे सुलझाता है और लोगों की चिंताओं को किस हद तक दूर करता है।


FAQ

Q1. लखनऊ में स्मार्ट मीटर का विरोध क्यों हो रहा है?
स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में बिल बढ़ने और तकनीकी समस्याओं की आशंका है, साथ ही बिना सहमति मीटर लगाए जाने का आरोप है।

Q2. सपा ने क्या मांग रखी है?
सपा ने मांग की है कि बिना उपभोक्ता की अनुमति के स्मार्ट मीटर न लगाए जाएं और पहले लोगों को जागरूक किया जाए।

Q3. प्रदर्शन कहां हुआ?
हुसैनगंज स्थित विद्युत विभाग के मुख्य कार्यालय में घेराव और प्रदर्शन किया गया।

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