दिल्ली में मालवीय नगर अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में अवैध निर्माण और अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मालवीय नगर जैसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना, अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी भवन मालिक, अधिकारी या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित होने वाली इस बैठक में दिल्ली पुलिस, राजस्व विभाग, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली जल बोर्ड तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी में जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए भवन निर्माण नियमों, अग्नि सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी सभी अवैध संपत्तियों, बिना अनुमति संचालित होटलों और गेस्ट हाउसों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी जो सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मालवीय नगर अग्निकांड के कारणों की गंभीरता से जांच की जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने माना कि कुछ विभागों में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिससे सरकार और आम जनता दोनों को नुकसान उठाना पड़ता है।
सरकार अब अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए अधिक जवाबदेह और सख्त नियम लागू करने की तैयारी कर रही है। साथ ही राजधानी में संचालित होटलों, गेस्ट हाउसों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की भी व्यापक समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को सुरक्षित राजधानी बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा। सरकार का लक्ष्य ऐसी दुर्घटनाओं को रोकना, जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कानून का सख्ती से पालन कराना है।
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