नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। फारस की खाड़ी में स्थित होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रभावित होने से कच्चे तेल की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर लगभग 83.28 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जबकि अमेरिकी मानक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) करीब 76.82 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
विश्लेषकों के मुताबिक पूरे सप्ताह के दौरान ब्रेंट और WTI दोनों बेंचमार्क में करीब 15 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह उछाल मुख्य रूप से मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य संघर्ष और संभावित आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण आया है।
संघर्ष से बढ़ी वैश्विक चिंता
रिपोर्ट्स के मुताबिक हालिया तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ समन्वित सैन्य कार्रवाई शुरू की। इसके बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता गया।
बताया जा रहा है कि हाल ही में अमेरिकी नौसेना ने श्रीलंका के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाया, जिससे यह संकेत मिला कि संघर्ष का दायरा पहले से अधिक व्यापक हो सकता है।
अमेरिकी संसद में भी बहस
इस मुद्दे को लेकर अमेरिका की राजनीति में भी हलचल देखी गई। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी सीनेट ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें हवाई हमलों को रोकने और सैन्य कार्रवाई को कांग्रेस की मंजूरी से जोड़ने की मांग की गई थी। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका फिलहाल अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव के मूड में नहीं है।
ईरान ने बातचीत की खबरों को बताया गलत
दूसरी तरफ ईरान ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि तेहरान संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिका से बातचीत करना चाहता है। ईरानी अधिकारियों ने इन रिपोर्ट्स को भ्रामक बताते हुए पश्चिमी मीडिया पर गलत खबरें फैलाने का आरोप लगाया है।
होर्मुज़ पर बढ़ी सबसे बड़ी चिंता
तेल बाजार में सबसे बड़ी चिंता होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर सामने आई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन रास्तों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने इस मार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर भारी दबाव पड़ गया है।
इराक को करना पड़ा उत्पादन कम
इसका असर क्षेत्रीय तेल उत्पादकों पर भी पड़ने लगा है। जानकारी के अनुसार इराक ने कुछ कच्चे तेल के निर्यात पर फोर्स मेज्योर घोषित कर दिया है क्योंकि होर्मुज़ से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
बताया जा रहा है कि निर्यात मार्ग बाधित होने और सीमित भंडारण क्षमता के कारण इराक को रोजाना लगभग 15 लाख बैरल तेल उत्पादन कम करना पड़ा है।
140 डॉलर तक जा सकती है कीमत
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अगर होर्मुज़ लंबे समय तक बंद रहता है तो वैश्विक तेल बाजार में और बड़ा उछाल आ सकता है। कुछ अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों का अनुमान है कि ऐसी स्थिति में ब्रेंट क्रूड की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।
हालांकि विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इस मार्ग का लंबे समय तक पूरी तरह बंद रहना मुश्किल है क्योंकि इससे वैश्विक स्तर पर तेज सैन्य और कूटनीतिक प्रतिक्रिया हो सकती है।
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