इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया इस वर्ष एक नए समुद्री सहयोग समझौते पर काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और समन्वय को मजबूत करना है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित ‘मेरिटाइम कोऑपरेशन पैक्ट’ के तहत दोनों देश समुद्री निगरानी, सूचना साझा करने और रक्षा सहयोग को और विस्तार देंगे। इस पहल से क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने की क्षमता बढ़ेगी और आपसी समन्वय बेहतर होगा।
ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त Philip Green ने कहा कि भारत इंडो-पैसिफिक में उनके लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। उनके बयान से स्पष्ट है कि दोनों देशों के संबंध अब पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग के स्तर तक पहुंच चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता ऐसे समय में सामने आ रहा है, जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में कई देशों के बीच सामरिक सक्रियता बढ़ी है। ऐसे में क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को लेकर साझेदारी को मजबूत करना दोनों देशों के लिए अहम माना जा रहा है।
इस सहयोग के तहत दोनों देश अपनी तकनीक, संसाधन और समुद्री क्षमताओं को साझा कर सकते हैं, जिससे निगरानी तंत्र और भी प्रभावी बनेगा। इसके साथ ही समुद्री मार्गों की सुरक्षा और आपसी विश्वास को भी बढ़ावा मिलेगा।
कुल मिलाकर, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच प्रस्तावित यह समझौता इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग और संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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