नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को संसद परिसर में एक अलग तरह का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र धारण कर और हाथ में दानपेटी लेकर संसद पहुंचे। उनके इस अनोखे प्रदर्शन ने वहां मौजूद सांसदों, मीडिया और अन्य लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
सांसद पप्पू यादव ने दानपेटी के माध्यम से अपनी बात प्रतीकात्मक तरीके से रखने का प्रयास किया। उनका कहना था कि यह प्रदर्शन सरकार की नीतियों और जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने इस विरोध को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का माध्यम बताया।
इसी दौरान संसद परिसर में राहुल गांधी भी पहुंचे। पप्पू यादव ने उन्हें प्रणाम किया, जिसके बाद राहुल गांधी ने भी उनका अभिवादन स्वीकार किया और प्रतीकात्मक रूप से दानपेटी में राशि डालकर उनके प्रदर्शन का समर्थन जताया। इस दृश्य ने संसद परिसर में मौजूद लोगों और मीडिया का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
संसद के बाहर हुए इस प्रतीकात्मक विरोध की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए गए। कई लोगों ने इसे विरोध का नया और रचनात्मक तरीका बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक संदेश देने की रणनीति के रूप में देखा।
हालांकि, इस प्रदर्शन पर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। संसद के भीतर और बाहर जारी राजनीतिक गतिविधियों के बीच यह विरोध प्रदर्शन चर्चा का विषय बना रहा।
यह प्रदर्शन भारतीय राजनीति में प्रतीकात्मक विरोध के एक नए रूप के रूप में देखा जा रहा है, जहां पारंपरिक नारों और बैनरों के बजाय सांकेतिक माध्यमों का उपयोग कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई।
नोट: यह समाचार सार्वजनिक रूप से सामने आए दृश्य और घटनाक्रम पर आधारित है। प्रदर्शन के उद्देश्य और राजनीतिक संदेश को लेकर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है।
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