आपकी EMI पर असर डालने वाला बड़ा फैसला इस हफ्ते आ सकता है। Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक को लेकर बाजार और आम लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में Reserve Bank of India फिलहाल सतर्क रुख अपनाते हुए रेपो रेट को मौजूदा स्तर 5.25 प्रतिशत पर ही बनाए रख सकता है।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगर तेल की कीमतें लगातार बढ़ती हैं, तो महंगाई पर दबाव बढ़ेगा, जिससे ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो जाएगी। इसका सीधा असर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI पर पड़ेगा, क्योंकि ब्याज दरें कम नहीं होंगी।
वहीं, वित्तीय बाजारों में भी अस्थिरता देखने को मिल रही है। रुपये में कमजोरी आई है और डॉलर के मुकाबले यह निचले स्तर के आसपास बना हुआ है। इसके अलावा सरकारी बॉन्ड की यील्ड में भी बढ़ोतरी हुई है, जो बाजार में चिंता का संकेत है।
ऐसे में माना जा रहा है कि RBI का मुख्य फोकस फिलहाल महंगाई को नियंत्रित करना और बाजार को स्थिर रखना होगा। इसके लिए केंद्रीय बैंक तरलता बढ़ाने, बॉन्ड खरीदने और विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप जैसे कदम उठा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर महंगाई लगातार बढ़ती रही, तो आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती की बजाय बढ़ोतरी भी हो सकती है। इसलिए EMI भरने वाले लोगों को फिलहाल राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
![]()

