भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, घर की परेशानियां और दिनभर की छोटी-बड़ी चिंताएं अक्सर रात में भी दिमाग को शांत नहीं होने देतीं। बिस्तर पर जाने के बाद भी कई लोग पूरे दिन की घटनाओं के बारे में सोचते रहते हैं या अगले दिन की चिंता करने लगते हैं। ऐसे में शरीर थका होने के बावजूद नींद आने में परेशानी हो सकती है।
अगर रात में आपका दिमाग भी लगातार चलता रहता है, तो सोने से पहले कुछ मिनट अपने शरीर और सांसों पर ध्यान देना मददगार हो सकता है। हल्के योगासन और आराम से की गई ब्रीदिंग एक्सरसाइज शरीर को रिलैक्स करने और मन को शांत करने में मदद कर सकती हैं। इसके लिए आपको किसी जिम या योग स्टूडियो जाने की जरूरत नहीं है। आप अपने कमरे में ही कुछ मिनट का आसान रूटीन अपना सकते हैं।
सबसे पहले आप माउंटेन पोज यानी ताड़ासन कर सकते हैं। इसके लिए सीधे खड़े हो जाएं और पैरों के बीच आरामदायक दूरी रखें। शरीर का वजन दोनों पैरों पर बराबर रखें और हाथों को शरीर के पास आराम से रहने दें। अपनी पीठ को सीधा रखें और कंधों को ढीला छोड़ें। अब कुछ बार धीरे-धीरे गहरी सांस लें और अपना ध्यान शरीर तथा सांसों पर केंद्रित करें। इससे दिनभर की भागदौड़ से ध्यान हटाकर वर्तमान पल पर फोकस करने में मदद मिल सकती है।
इसके बाद हाथों को ऊपर उठाकर हल्का स्ट्रेच किया जा सकता है। दोनों हाथों को ऊपर की तरफ ले जाएं और हथेलियों को आपस में मिला लें। अब बिना शरीर पर ज्यादा दबाव डाले हाथों और शरीर को ऊपर की ओर हल्का स्ट्रेच करें। इस दौरान आराम से गहरी सांस लेते रहें। इसे कुछ बार दोहराया जा सकता है। लंबे समय तक काम करने के बाद यह हल्का स्ट्रेच शरीर में जमा तनाव को कम करने और रिलैक्स महसूस कराने में मदद कर सकता है।
तीसरा और बेहद आसान तरीका है बेली ब्रीदिंग यानी पेट से सांस लेने का अभ्यास। इसके लिए आराम से पीठ के बल लेट जाएं और दोनों हाथ पेट पर रखें। आंखें बंद करें और धीरे-धीरे सांस अंदर लें। सांस लेते समय महसूस करें कि पेट ऊपर की ओर उठ रहा है। इसके बाद धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें और महसूस करें कि पेट वापस नीचे जा रहा है। अपना पूरा ध्यान सांसों की गति पर रखें और कुछ मिनट तक इसी तरह आराम से सांस लेते रहें।
बेली ब्रीदिंग करते समय सांस रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सांस को सहज और आरामदायक तरीके से अंदर लेना और बाहर छोड़ना बेहतर है। अगर किसी अभ्यास के दौरान चक्कर, दर्द या असहजता महसूस हो तो उसे तुरंत रोक देना चाहिए।
रात के इस छोटे से रूटीन को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए सोने से पहले कमरे की रोशनी थोड़ी धीमी की जा सकती है। ऐसी जगह चुनें जहां आपको आराम से खड़े होने, स्ट्रेच करने और लेटने की जगह मिल सके। हर योगासन अपनी क्षमता और सुविधा के अनुसार करें। शरीर को जरूरत से ज्यादा खींचने या किसी पोज को जबरदस्ती करने की जरूरत नहीं है।
सबसे जरूरी बात यह है कि सोने से पहले शरीर और दिमाग को शांत होने का समय दिया जाए। मोबाइल स्क्रीन और काम से थोड़ा ब्रेक लेकर कुछ मिनट सांसों पर ध्यान देना भी रिलैक्सेशन रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है। योग और ब्रीदिंग एक्सरसाइज नींद से जुड़ी परेशानी में कुछ लोगों को मदद कर सकती हैं, लेकिन अगर लंबे समय से नींद न आने, अत्यधिक तनाव या लगातार चिंता की समस्या बनी हुई है, तो डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
इस तरह सोने से कुछ समय पहले किए जाने वाले ये तीन आसान अभ्यास—माउंटेन पोज, हाथों का हल्का स्ट्रेच और बेली ब्रीदिंग—आपकी रात की रूटीन का हिस्सा बन सकते हैं। नियमित रूप से रिलैक्सेशन पर ध्यान देने से शरीर को आराम देने और सोने से पहले मन को शांत करने में मदद मिल सकती है।
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