प्रयागराज के संगम तट से शनिवार को आस्था और भक्ति की बेहद खास तस्वीर सामने आई। 13 दिनों के लंबे इंतजार के बाद संगम स्थित लेटे बजरंगबली मंदिर के कपाट एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर में भक्तों की रौनक लौट आई और जय श्रीराम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया था। करीब 13 दिनों तक भक्तों को लेटे बजरंगबली के दर्शन का इंतजार करना पड़ा। जैसे ही गंगा का जलस्तर कम हुआ, मंदिर परिसर की सफाई और धुलाई का काम शुरू कराया गया, ताकि श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को दोबारा सुरक्षित और व्यवस्थित किया जा सके।
मंदिर परिसर की विशेष साफ-सफाई के बाद भगवान बजरंगबली की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिर में अभिषेक कराया गया और बजरंगबली का फूलों से भव्य श्रृंगार किया गया। धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद मंदिर में आरती की तैयारी शुरू हुई।
महंत बलवीर गिरि ने विधि-विधान से बजरंगबली की आरती की। इस दौरान मंदिर परिसर में ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दी। जैसे ही आरती संपन्न हुई, भक्तों ने जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारे लगाए। लंबे इंतजार के बाद दर्शन का मौका मिलने से श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला।
लेटे बजरंगबली मंदिर प्रयागराज के संगम क्षेत्र में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां भगवान हनुमान की लेटी हुई प्रतिमा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के दौरान मंदिर परिसर में पानी पहुंचने की स्थिति बन जाती है, जिसके कारण कई बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए कपाट बंद करने पड़ते हैं।
इस बार भी गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया था। 13 दिनों तक कपाट बंद रहने के बाद जब जलस्तर कम हुआ और परिसर की सफाई पूरी हुई, तब मंदिर को दोबारा दर्शन के लिए खोला गया। कपाट खुलने से पहले मंदिर परिसर को साफ करने के साथ धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना भी की गई।
मंदिर के कपाट खुलने की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई। भक्त दर्शन के लिए पहुंचने लगे और मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल नजर आया। आरती के दौरान जय श्रीराम के जयकारों और ढोल-नगाड़ों की आवाज ने पूरे संगम क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
प्रयागराज में संगम का धार्मिक महत्व पहले से ही बेहद खास है और लेटे बजरंगबली मंदिर यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। ऐसे में 13 दिनों के बाद मंदिर के कपाट खुलना भक्तों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रहा।
अब मंदिर में श्रद्धालु फिर से बजरंगबली के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे। लंबे इंतजार के बाद खुले कपाट और भव्य आरती ने प्रयागराज के संगम तट पर एक बार फिर आस्था और भक्ति की वही रौनक लौटा दी, जिसका भक्तों को बेसब्री से इंतजार था।
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