दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में आयोजित International Fleet Review 2026 ने वैश्विक समुद्री सहयोग का अनूठा उदाहरण पेश किया।
पूर्वी नौसेना कमांड के तत्वावधान में विशाखापत्तनम में आयोजित इस 11 दिवसीय कार्यक्रम में करीब 74 देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया। इसे केवल सैन्य शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि समुद्रों के माध्यम से वैश्विक एकता का संदेश देने वाला आयोजन माना जा रहा है।
इस वर्ष की थीम रही — “United Through Oceans”।
85 युद्धपोत, 3 पनडुब्बियां और 60 से अधिक विमान
कार्यक्रम के दौरान कुल 85 जहाजों का प्रदर्शन हुआ, जिनमें 66 भारतीय और 19 विदेशी युद्धपोत शामिल थे। तीन पनडुब्बियां और 60 से अधिक विमान भी इस भव्य आयोजन का हिस्सा बने।
भारतीय नौसेना की ओर से स्वदेशी विमानवाहक पोत INS Vikrant और आधुनिक विध्वंसक INS Visakhapatnam जैसे प्रमुख युद्धपोत आकर्षण का केंद्र रहे।
साथ ही फ्लाईपास्ट, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन और हॉक विमानों के हवाई करतबों ने दर्शकों को रोमांचित किया।
किन देशों ने लिया हिस्सा?
विदेशी नौसेनाओं में United States, China, Russia, Japan, Australia, France, United Kingdom, Iran और Bangladesh समेत कई इंडो-पैसिफिक देशों की भागीदारी रही।
यह आंकड़ा 2016 में आयोजित पिछले फ्लीट रिव्यू से भी अधिक बताया जा रहा है।
राष्ट्रपति ने किया निरीक्षण
भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने नौसैनिक पोत से पूरे बेड़े का निरीक्षण किया और कार्यक्रम की सराहना की।
इसके अलावा 45 सैन्य दलों और कई विदेशी बैंडों ने इंटरनेशनल सिटी परेड में हिस्सा लेकर सांस्कृतिक और सैन्य सहयोग का प्रदर्शन किया।
क्या है इसका संदेश?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान जैसे तनाव मौजूद हैं, उस समय इतने बड़े पैमाने पर विभिन्न देशों की नौसेनाओं का भारत में एक साथ उपस्थित होना भारत की संतुलित और बहु-आयामी विदेश नीति को दर्शाता है।
यह आयोजन दिखाता है कि भारत न केवल क्षेत्रीय, बल्कि वैश्विक समुद्री सुरक्षा और सहयोग में भी केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।
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