लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा केंद्र सरकार की आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत प्रदेश में स्मार्ट मीटरिंग का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में अब तक लगभग 78 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के घरों और प्रतिष्ठानों में लगाए जा चुके हैं। इनमें से करीब 70.50 लाख प्री-पेड स्मार्ट मीटर हैं।
स्मार्ट मीटर प्रणाली का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को पारदर्शी बिलिंग, बिजली खपत की रियल-टाइम जानकारी और बेहतर विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराना है।
स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को मिल रहे कई फायदे
स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को कई सुविधाएं मिल रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से —
- बिजली की सटीक और पारदर्शी बिलिंग
- दैनिक बिजली खपत की जानकारी
- बिलिंग प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप में कमी
- निर्धारित टैरिफ पर 2 प्रतिशत तक की छूट
- बिजली उपयोग और बैलेंस की तुरंत जानकारी
इन सुविधाओं से उपभोक्ताओं को सस्ती, भरोसेमंद और पारदर्शी बिजली सेवा प्राप्त हो रही है।
प्री-पेड मीटर में सिक्योरिटी राशि का मिलता है लाभ
पोस्ट-पेड से प्री-पेड स्मार्ट मीटर में परिवर्तन के बाद उपभोक्ता की पूर्व में जमा सिक्योरिटी राशि का पूरा लाभ मिलता है।
- यदि उपभोक्ता पर कोई बकाया है तो यह राशि पुराने बिल में समायोजित कर दी जाती है।
- यदि कोई बकाया नहीं है तो यह राशि सीधे प्री-पेड बैलेंस में जोड़ दी जाती है।
हालांकि, अंतिम पोस्ट-पेड बिल से प्री-पेड परिवर्तन की तारीख तक का बकाया भुगतान करना आवश्यक होता है। कई बार पोस्ट-पेड बकाया और नया रिचार्ज एक साथ दिखने पर उपभोक्ताओं को भ्रम हो सकता है, लेकिन बिल पूरी तरह ऊर्जा खपत के आधार पर ही तैयार होता है, जिसका पूरा विवरण ऐप में उपलब्ध रहता है।
प्री-पेड मीटर में पहले रिचार्ज करना होगा जरूरी
प्री-पेड स्मार्ट मीटर प्रणाली में बिजली उपयोग के लिए उपभोक्ता को पहले रिचार्ज करना होता है।
पोस्ट-पेड से प्री-पेड में बदलने के बाद उपभोक्ताओं को 30 दिन का ग्रेस पीरियड दिया जाता है, ताकि वे नई व्यवस्था को आसानी से समझ सकें और समय पर रिचार्ज कर सकें।
मोबाइल ऐप और वेबसाइट पर मिलती है पूरी जानकारी
स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता अपनी बिजली खपत और बैलेंस की जानकारी तुरंत देख सकते हैं। इसके लिए ये माध्यम उपलब्ध हैं —
- UPPCL Smart App
- UPPCL की आधिकारिक वेबसाइट (www.uppcl.org)
- मीटर का डिस्प्ले स्क्रीन
इसके अलावा उपभोक्ताओं को SMS के माध्यम से भी बैलेंस और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भेजी जाती है।
घर बैठे कई माध्यमों से कर सकते हैं रिचार्ज
स्मार्ट प्री-पेड मीटर का रिचार्ज करना बेहद आसान है। उपभोक्ता निम्न माध्यमों से रिचार्ज कर सकते हैं —
- UPPCL की आधिकारिक वेबसाइट
- UPPCL स्मार्ट ऐप
- BHIM, PhonePe, Google Pay जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म
- विभागीय कैश काउंटर
- जन सेवा केंद्र
ऐप के माध्यम से उपभोक्ता मासिक, दैनिक और प्रति घंटा बिजली खपत, प्री-पेड बैलेंस और पोस्ट-पेड बकाया की जानकारी भी देख सकते हैं।
बकाया राशि रिचार्ज से स्वतः होगी समायोजित
प्री-पेड मीटर में पुराने पोस्ट-पेड बिलों का बकाया प्रत्येक रिचार्ज से स्वतः समायोजित किया जाता है।
एलएमवी-1 (घरेलू) उपभोक्ताओं के लिए समायोजन इस प्रकार है —
- ₹10,000 तक बकाया — हर रिचार्ज से 10% कटौती
- ₹10,000 से ₹15,000 — 15% कटौती
- ₹15,000 से ₹20,000 — 20% कटौती
- ₹20,000 से अधिक — 25% कटौती
अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए प्रत्येक रिचार्ज से 25 प्रतिशत बकाया समायोजित किया जाता है। यदि बकाया एकमुश्त जमा नहीं किया जाता, तो उस पर ब्याज लागू होगा।
बैलेंस खत्म होने पर बिजली आपूर्ति स्वतः बंद
स्मार्ट मीटर प्रणाली में डिस्कनेक्शन और रीकनेक्शन पूरी तरह स्वचालित है।
- प्री-पेड बैलेंस शून्य होने पर बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाती है।
- रिचार्ज करते ही बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल हो जाती है।
उपभोक्ताओं को विशेष राहत की सुविधा
चूंकि यह प्रणाली नई है और कई उपभोक्ता अभी इसके अभ्यस्त नहीं हैं, इसलिए यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है।
यदि बिजली कटने के बाद उपभोक्ता इतना रिचार्ज करता है कि उसका नकारात्मक बैलेंस कम से कम 50 प्रतिशत तक कम हो जाए, तो कनेक्शन 3 दिनों के लिए अस्थायी रूप से जोड़ दिया जाएगा।
हालांकि यदि इस अवधि में पूरा रिचार्ज नहीं किया गया और बैलेंस सकारात्मक नहीं हुआ, तो बिजली आपूर्ति फिर से स्वतः बंद हो जाएगी। यह सुविधा प्रत्येक उपभोक्ता को केवल एक बार मिलेगी।
यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्री-पेड बैलेंस सकारात्मक बनाए रखें, ताकि बिजली आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहे।
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