पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है। गुरुवार को सामने आए ‘टुडेज़ चाणक्य’ के एग्जिट पोल के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी को 192 से अधिक सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। वहीं, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को लगभग 100 सीटों पर सिमटता दिखाया गया है।
अगर ये आंकड़े सही साबित होते हैं, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक बदलाव होगा। राज्य में पिछले 15 वर्षों से टीएमसी का दबदबा रहा है, लेकिन इस बार एग्जिट पोल “परिवर्तन” की ओर इशारा कर रहे हैं।
बहुमत का आंकड़ा 147 सीटों का है, और टुडेज़ चाणक्य के मुताबिक बीजेपी इस आंकड़े को काफी पीछे छोड़ती नजर आ रही है। यह पांचवां ऐसा एग्जिट पोल है, जिसमें बीजेपी को स्पष्ट बढ़त दी गई है।
चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में संपन्न हुए, जिसमें 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। भारी मतदान को बीजेपी ने बदलाव की लहर बताया, जबकि टीएमसी ने इसे अपने पक्ष में जनसमर्थन का संकेत बताया।
अन्य एग्जिट पोल्स पर नजर डालें तो Matrize ने बीजेपी को 146-161 सीटें और टीएमसी को 125-140 सीटें दी हैं। वहीं P-Marq के अनुसार बीजेपी को 150-175 सीटें मिल सकती हैं। Chanakya Strategies और Poll Diary जैसे सर्वे भी बीजेपी को बढ़त में दिखा रहे हैं।
हालांकि, सभी एग्जिट पोल एकमत नहीं हैं। People’s Pulse और Janmat Polls जैसे सर्वे टीएमसी की वापसी का दावा करते हैं। JVC ने सबसे कड़ा मुकाबला बताया है, जहां दोनों पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है।
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों में भी एग्जिट पोल्स ने कड़ा मुकाबला बताया था, लेकिन अंतिम परिणाम में टीएमसी ने 215 सीटों के साथ भारी जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी को 77 सीटें मिली थीं।
ऐसे में सवाल यह है कि क्या इस बार एग्जिट पोल सही साबित होंगे या फिर नतीजे एक बार फिर सबको चौंका देंगे? इसका जवाब 4 मई को होने वाली मतगणना के बाद ही मिलेगा।
फिलहाल, पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल गरम है और दोनों प्रमुख दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। जनता की नजरें अब अंतिम परिणामों पर टिकी हैं।
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