मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 से एयरलाइंस के संचालन को अस्थायी रूप से बंद करने के प्रस्ताव ने विमानन क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है। इस प्रस्ताव के तहत कुछ एयरलाइंस को अपना संचालन नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करने का विकल्प दिया गया है। इसी मुद्दे पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय आज एयरपोर्ट संचालक और एयरलाइंस के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक करने जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक दोपहर करीब 2 बजे नागरिक उड्डयन मंत्रालय में होगी और इसकी अध्यक्षता मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा करेंगे। बैठक में अदाणी एयरपोर्ट्स के अधिकारियों के साथ विभिन्न एयरलाइंस के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि बैठक में मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के संचालन को अस्थायी रूप से बंद करने और उड़ानों को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने की योजना पर विस्तार से चर्चा होगी।
दरअसल, मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के नवीनीकरण और पुनर्विकास की योजना बनाई जा रही है। इसी वजह से एयरपोर्ट के संचालन पर पड़ने वाले संभावित असर को देखते हुए कुछ उड़ानों को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव सामने आया है। एयरपोर्ट ऑपरेटर की ओर से एयरलाइंस को अपने संचालन में बदलाव करने के लिए कहा गया है।
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर एयरलाइंस की ओर से आपत्तियां भी सामने आई हैं। कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस का कहना है कि अचानक संचालन बदलने से उनकी उड़ानों की समय-सारिणी, यात्रियों की आवाजाही और अन्य परिचालन व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटर के बीच इस मुद्दे पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को मुंबई महानगर क्षेत्र में हवाई यातायात का दबाव कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। नए एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद मुंबई एयरपोर्ट और नवी मुंबई एयरपोर्ट के बीच उड़ानों का बेहतर बंटवारा करने की योजना है। हालांकि, किसी भी बड़े पैमाने पर शिफ्टिंग से पहले एयरलाइंस की परिचालन जरूरतों और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
आज होने वाली बैठक में इसी बात पर सबसे ज्यादा जोर रहने की संभावना है कि अगर टर्मिनल-1 का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित होता है तो उड़ानों को किस तरह और कितने चरणों में नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित किया जाए। इसके साथ ही एयरलाइंस के लिए स्लॉट, ग्राउंड हैंडलिंग, कनेक्टिविटी और यात्रियों की आवाजाही जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।
एयरलाइंस की ओर से उठाई जा रही आपत्तियों के बीच मंत्रालय की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। अगर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो आने वाले दिनों में कुछ उड़ानों के संचालन में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। वहीं, अगर एयरलाइंस की चिंताओं का समाधान नहीं होता है तो शिफ्टिंग की समयसीमा और पूरी योजना में बदलाव की संभावना भी बनी रहेगी।
इस पूरे मामले में यात्रियों की सुविधा सबसे बड़ा मुद्दा है। मुंबई और नवी मुंबई के बीच दूरी और यात्रियों की यात्रा व्यवस्था को देखते हुए एयरलाइंस के संचालन में बदलाव का सीधा असर यात्रियों पर पड़ सकता है। इसलिए सरकार और एयरपोर्ट ऑपरेटर के सामने चुनौती यह है कि टर्मिनल-1 के नवीनीकरण का काम भी प्रभावित न हो और उड़ानों का संचालन भी सुचारु बना रहे।
अब सभी की नजर आज होने वाली नागरिक उड्डयन मंत्रालय की बैठक पर है। बैठक के बाद यह तस्वीर कुछ हद तक साफ हो सकती है कि मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 से उड़ानों की शिफ्टिंग कब और किस तरीके से होगी और नवी मुंबई एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में कितनी बड़ी भूमिका मिलेगी।
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