उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने आलू की कीमतों में गिरावट से परेशान किसानों को सहारा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है।
Government of India ने Uttar Pradesh में 6,500 रुपये प्रति टन के बाजार हस्तक्षेप मूल्य (Market Intervention Price) पर 20 लाख टन आलू खरीदने को मंजूरी दी है।
क्या है पूरा फैसला?
खरीद मूल्य: ₹6,500 प्रति टन
कुल खरीद: 20 लाख टन
अनुमानित खर्च: ₹203 करोड़
इस फैसले का उद्देश्य किसानों को मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचने से बचाना है।
अन्य राज्यों के लिए भी फैसले
सरकार ने अन्य राज्यों के किसानों के लिए भी राहत के कदम उठाए हैं:
Andhra Pradesh में चना खरीद सीमा बढ़ाकर 1.13 लाख टन
Karnataka में अरहर (तुअर) खरीद की अवधि 15 मई तक बढ़ाई गई
इससे किसानों को MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर अपनी फसल बेचने का ज्यादा समय मिलेगा।
किसके निर्देश पर हुआ फैसला?
यह निर्णय केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद लिया गया।
मंत्रालय के अनुसार, यह कदम किसानों को बेहतर कीमत दिलाने और बाजार में स्थिरता लाने के लिए उठाया गया है।
किसानों को क्या फायदा?
फसल का उचित मूल्य मिलेगा
नुकसान में बिक्री से बचाव
बाजार में दाम स्थिर रहेंगे
सरकारी खरीद से भरोसा बढ़ेगा
निष्कर्ष
केंद्र सरकार का यह फैसला उत्तर प्रदेश के आलू किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। साथ ही अन्य राज्यों में भी MSP और खरीद व्यवस्था को मजबूत करने के कदम उठाए गए हैं, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
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