उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बेटियां किसी भी राजनीतिक दल या परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सम्मानित धरोहर होती हैं और उनके खिलाफ इस तरह की हरकतें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
आजमगढ़ में 955 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल पुलिस अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपरा में बेटियों को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है। गांव की बेटी पूरे गांव की बेटी होती है और गांव की बहन पूरे समाज की बहन होती है। ऐसे में किसी भी बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करना या उसे ट्रोल करना बेहद निंदनीय है।
दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अखिलेश यादव की बेटी को लेकर एक कथित मॉर्फ्ड तस्वीर और आपत्तिजनक टिप्पणियां वायरल हुई थीं। शिकायत मिलने के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर सेल में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक सामग्री साझा कर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि महिलाओं और बेटियों की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस मामले में भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी नेतृत्व को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया समर्थकों की भाषा और व्यवहार पर नियंत्रण रखना चाहिए। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर अपमानजनक टिप्पणियां किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और शालीनता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। राजनीति में विचारों का संघर्ष होना चाहिए, परिवार और बेटियों को निशाना बनाना नहीं।
फिलहाल, इस पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान को महिलाओं के सम्मान और सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्रता के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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