उत्तर प्रदेश के झांसी में रेलवे के एक बड़े अधिकारी को AI से बनाई गई आपत्तिजनक तस्वीर के जरिए ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 27 वर्षीय युवती ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से रेलवे अधिकारी की आपत्तिजनक तस्वीर तैयार की और उसे भेजकर 15 लाख रुपये की मांग की। इतना ही नहीं, रुपये नहीं देने पर परिवार की अन्य महिलाओं की तस्वीरें भी वायरल करने की धमकी दी गई।
मामले की शिकायत रेलवे अधिकारी की पत्नी ने झांसी के नवाबाद थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी युवती तक पहुंचने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार युवती की पहचान 27 वर्षीय मरीना लाजरस उर्फ मरीना जेस्सी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से हुबली, कर्नाटक की रहने वाली बताई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने रेलवे अधिकारी की तस्वीर हासिल करने के बाद AI के जरिए उसे किस तरह आपत्तिजनक रूप दिया और फिर परिवार से संपर्क कर पैसों की मांग कैसे शुरू की।
बताया गया है कि आरोपी युवती रेलवे अधिकारी और उनके परिवार से लगातार रुपये मांग रही थी। मामला उस समय गंभीर हो गया, जब 31 जुलाई को कथित तौर पर AI से तैयार की गई आपत्तिजनक तस्वीर भेजकर 15 लाख रुपये की मांग की गई। आरोप है कि युवती ने पैसे नहीं देने पर परिवार की अन्य महिलाओं की तस्वीरों को भी वायरल करने की धमकी दी।
AI तकनीक के गलत इस्तेमाल से जुड़ा यह मामला साइबर अपराध के बढ़ते खतरे की ओर भी इशारा करता है। अब किसी व्यक्ति की सामान्य तस्वीर को एडिट या AI की मदद से बदला जा सकता है और उसका इस्तेमाल बदनाम करने या ब्लैकमेल करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों में पीड़ितों के लिए समय रहते पुलिस में शिकायत करना बेहद जरूरी हो जाता है।
शिकायत मिलने के बाद नवाबाद थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी की पहचान और लोकेशन का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच का सहारा लिया। जांच के बाद पुलिस टीम प्रयागराज पहुंची और आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस कथित ब्लैकमेलिंग के पीछे उसका मकसद क्या था। साथ ही पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और पैसों की मांग से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है, ताकि पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
इस घटना ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि AI तकनीक का इस्तेमाल किस तरह अपराधियों द्वारा लोगों को डराने और ब्लैकमेल करने के लिए किया जा सकता है। किसी की तस्वीर को AI से बदलकर आपत्तिजनक रूप देना और उसके आधार पर पैसे मांगना पीड़ित के लिए मानसिक और सामाजिक रूप से गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
फिलहाल आरोपी युवती की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है। जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि कथित तौर पर तैयार की गई तस्वीर के पीछे कौन-कौन से डिजिटल माध्यम इस्तेमाल किए गए और क्या इस मामले में आरोपी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस पूरे मामले में उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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