कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का ऐतिहासिक शिव चौक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अद्भुत केंद्र बन गया। हापुड़ के आसोड़ा गांव से आए शिवभक्त हरिओम चिंगारी की विशाल थीम आधारित कांवड़ श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। भगवान भोलेनाथ की बारात, अघोरियों का तांडव, शिवगणों की झांकियां और आग उगलते कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए देर रात तक हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ शिव चौक पर जुटी रही। इस दौरान पूरा इलाका ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंज उठा।
विशाल थीम आधारित कांवड़ में भगवान शिव के रौद्र और अघोर स्वरूप को बेहद आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। झांकी में अघोरी साधुओं, शिवगणों, भूत-प्रेतों और भोलेनाथ की बारात का जीवंत चित्रण किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बड़ी संख्या में लोग इस अनूठी प्रस्तुति को देखने पहुंचे और अपने मोबाइल फोन से वीडियो तथा तस्वीरें रिकॉर्ड करते नजर आए।
कार्यक्रम के दौरान डमरू की गूंज, शंखनाद, रंग-बिरंगी रोशनी और कृत्रिम धुएं के विशेष प्रभावों ने पूरे माहौल को और भी भव्य बना दिया। कलाकारों ने नरमुंडों की माला और पारंपरिक वेशभूषा में अघोरी तांडव की प्रस्तुति देकर धार्मिक वातावरण को जीवंत कर दिया। वहीं आग उगलते कलाकारों के करतबों ने दर्शकों का रोमांच भी बढ़ा दिया। हालांकि ऐसे प्रदर्शन प्रशिक्षित कलाकारों द्वारा नियंत्रित परिस्थितियों में किए जाते हैं और इन्हें आम लोगों को स्वयं करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
श्रद्धालुओं का कहना था कि इस तरह की झांकियां केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं और लोक कलाओं को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं। देर रात तक शिव चौक पर भक्तों की भारी भीड़ बनी रही और पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में डूबा दिखाई दिया।
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद रही। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।
![]()

