उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वाड यानी UP ATS ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलंदशहर से दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद उमर और फैज़ान के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क के निर्देश पर काम कर रहे थे और देश में स्लीपर सेल तैयार करने की कोशिश कर रहे थे।
उत्तर प्रदेश के एडिशनल डायरेक्टर जनरल यानी ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में मौजूद गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी और आबिद जट भारत में अपने नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे। आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को जोड़कर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा था।
जानकारी के मुताबिक, 17 जून 2026 को UP ATS ने विशेष अभियान चलाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान उनके पास से कई डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं। इनमें वीडियो, पोस्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री शामिल है, जो संदिग्ध गतिविधियों की ओर इशारा करती है।
ADG अमिताभ यश के अनुसार, आरोपियों को आबिद जट के पोस्टर अलग-अलग स्थानों पर लगाने के निर्देश दिए गए थे, ताकि आम लोगों के बीच डर और दहशत का माहौल पैदा किया जा सके। इसके अलावा, उन्हें सेना के कैंटोनमेंट क्षेत्रों की रेकी करने का काम भी सौंपा गया था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान से संचालित यह नेटवर्क भारत में स्लीपर सेल तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं को प्रभावित करने और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की जा रही थी।
UP ATS ने आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों को जब्त कर लिया है। साइबर विशेषज्ञ इन उपकरणों की गहन जांच कर रहे हैं ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस मामले में कई और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।
इस बीच, आरोपियों में से एक के पिता सलीमुद्दीन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें अपने बेटे की किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनका बेटा तीन दिन के लिए घूमने गया था और उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी बाद में मिली। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनका बेटा दोषी पाया जाता है तो सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, लेकिन अगर वह निर्दोष है तो उसे रिहा कर दिया जाए।
फिलहाल, दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और कानूनी कार्रवाई जारी है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से यह मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता लगाया जा सके। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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